#6thDecember #BlackDayForDemocracy बाबरी मस्जिद की शहादत और कोर्ट का फ़ैसला दोनों सुनियोजित थे। ये नाइंसाफ़ी रहती दुनिया तक नहीं भुलाई जा सकती। तुम ज़ुल्म और जब्र से वहां कोई भी इमारत बना लो लेकिन वो जगह क़यामत तक हमारे लिए मस्जिद थी, मस्जिद है और मस्जिद ही रहेगी।