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| - Last Updated on मई 29, 2024 by Neelam Singh
सारांश
एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि भारतीय निर्वाचन आयोग ने पहले चरण में मतदान प्रतिशत को देखते हुए लोगों के लिए पूरे भारत में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। जब हमने इस पोस्ट का तथ्य जाँच किया तब पाया कि यह दावा बिल्कुल गलत है और व्यंग्य (satire) की श्रेणी में आता है।
दावा
X पर जारी एक पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि भारत निर्वाचन आयोग ने पहले चरण में मतदान प्रतिशत को देखते हुए लोगों के लिए पूरे भारत में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।
तथ्य जाँच
भारत में चुनाव आयोग की क्या जिम्मेदारियां हैं?
भारत निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक प्राधिकरण है, जो भारत में संघ एवं राज्य निर्वाचन प्रक्रियाओं का संचालन करने के लिए उत्तरदायी है। यह निकाय भारत में लोक सभा, राज्य सभा, राज्य विधान सभाओं, देश में राष्ट्रपति एवं उप-राष्ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों का संचालन करता है।
इसकी स्थापना 25 जनवरी, 1950 को संविधान के अनुसार की गई थी (जिसे राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है)। आयोग का सचिवालय नई दिल्ली में स्थित है। भारतीय संविधान का भाग XV (अनुच्छेद 324-329) चुनाव आयोग के बारे में जानकारी देता है।
लोकसभा चुनाव में अब तक कितने चरण का चुनाव हो चुका है?
इस साल चुनाव सात चरणों में हो रहे हैं। सभी सीटों के लिए मतों की गिनती 4 जून को होगी।
- पहला चरणः 19 अप्रैल 2024. इसमें अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नगालैंड, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, अंडमान निकोबार, जम्मू कश्मीर, लक्षद्वीप, पुद्दुचेरी की कुल 102 सीटों पर वोट डाले गए।
- दूसरा चरणः 26 अप्रैल को असम, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर की कुल 89 सीटों पर मतदान हुआ।
- तीसरा चरणः 07 मई को असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दादर नागर हवेली और दमन दीव की कुल 94 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।
- चौथा चरणः 13 मई को आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर की कुल 96 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।
- पांचवा चरणः 20 मई को छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रेदश, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर, लद्दाख की 49 सीटों पर मतदान होगा।
- छठा चरणः 25 मई को बिहार, हरियाणा, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली की कुल 57 सीटों पर मतदान होगा।
- सांतवा चरणः 01 जून को बिहार, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़ की कुल 57 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।
देखा जाए, तो पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल 2024 को पूरा हो गया है। दूसरा चरण, 26 अप्रैल 2024 को, तीसरा चरण, 07 मई को, चौथा चरण, 13 मई और पांचवा चरण, 20 मई 2024 को और छठे चरण के लिए 25 मई 2024 को मतदान हो चुका है। सातवे चरण के लिए 01 जून 2024 को मतदान होना है।
चुनाव आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार आम चुनाव के पांचवें चरण के मतदान में रात 11:30 बजे तक लगभग 60.09% मतदान दर्ज किया गया। पहले चार चरणों में 66.95% मतदान, चौथे चरण के लिए रात 11:45 बजे तक 67.25%, , तीसरे चरण में 65.68% , दूसरे चरण में 66.71% और पहले चरण में 66.14% का मतदान हो चुका है। ये सारी जानकारियां विस्तृत रूप से चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपल्बध है।
क्या चुनाव आयोग ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कोई प्रस्ताव दिया है?
बिल्कुल नहीं। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर इससे संबंधित कोई जानकारी नहीं है और न ही उनके आधिकारिक प्रोफाइल से इस सम्बन्ध में कोई दिशा निर्देश जारी किये गए हैं। इस दावे को पोस्ट करने वाले प्रोफाइल की जांच से पता चलता है कि इस प्रोफाइल द्वारा अधिकतर व्यंग्य कसने वाली पोस्ट साझा की जाती हैं। वास्तव में इन दावों में कोई सच्चाई नहीं होती है। इसका एक कारण सोशल मीडिआ पर अधिक likes पाना भी है।
इस प्रोफाइल का नाम The Needle है और इस प्रोफाइल से चुनाव आयोग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र संबंधित दावा 20 अप्रैल 2024 को सुबह के 11:17 बजे पर किया गया है, जिसे 23 मई 2024 तक 964 लोगों ने देखा है।
यह प्रोफाइल भ्रामक दावों को प्रसारित करने वाली प्रोफाइल प्रतीत होती है क्योंकि इसमें एक पोस्ट को 3 अप्रैल 2024 को सुबह 9:47 बजे यह लिखकर साझा किया है कि चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में स्थानों का नाम बदलने के बाद, भारतीयों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हक्का नूडल्स का नाम बदलकर चक्का नूडल्स कर दिया है। जबकि इस तरह की कोई खबर जारी नहीं हुई है। इनकी वेबसाइट https://www.theneedle.in/ भी अभी तक लाइव नहीं हुई है।
अतः उपरोक्त तथ्यों के आधार पर कहा जा सकता है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं के लिए पूरे भारत में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव देने का दावा बिल्कुल गलत है। हमने पहले भी चुनाव संबंधित कई दावों की जाँच की है।
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