About: http://data.cimple.eu/claim-review/21c6b99ca7e1a6e9d63f87b633e46cbb46c2e3fa04a074f0f4d557d4     Goto   Sponge   NotDistinct   Permalink

An Entity of Type : schema:ClaimReview, within Data Space : data.cimple.eu associated with source document(s)

AttributesValues
rdf:type
http://data.cimple...lizedReviewRating
schema:url
schema:text
  • Newchecker.in is an independent fact-checking initiative of NC Media Networks Pvt. Ltd. We welcome our readers to send us claims to fact check. If you believe a story or statement deserves a fact check, or an error has been made with a published fact check Contact Us: checkthis@newschecker.in Fact checks doneFOLLOW US Fact Check सोशल मीडिया पर इन दिनों उत्तराखंड के जसपुर दरगाह का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग लड़ाई करते हुए देखे जा सकते हैं। इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो उत्तराखंड स्थित जसपुर दरगाह का है। जहां पर चादर चढ़ाने गए कुछ हिन्दुओं को मज़ार के खादिमों ने दौड़ा -दौड़ा कर मारा। इन लोगों को सिर्फ इसलिए पीटा गया है, क्योंकि ये लोग हिंदू थे। इस वीडियो को सुप्रीम कोर्ट के वकील Prashant Patel Umrao और Sudarshan News के CMD & Editor-in-Chief Suresh Chavhanke ने भी ट्वीट किया है। Prashant Patel Umrao ने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘उत्तराखंड के जसपुर दरगाह पर शबे बारात को चादर चढ़ाने गए सेकुलर हिंदुओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। दरगाह के संचालकों का अभिनंदन, पहली बार कोई अच्छा काम किया है। अजमेर दरगाह में भी जाने वाले ऐसे हिंदुओं का इसी प्रकार स्वागत होना चाहिए।’ पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखा जा सकता है। Sudarshan News के CMD & Editor-in-Chief ने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘मैं जीवन में पहली बार शांतिदूतों का धन्यवाद कर रहा हूं। उन्होंने उत्तराखंड के जसपुर दरगाह पर चादर चढ़ाने गए हिंदुओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।’ पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखा जा सकता है। CrowdTangle पर मिले डाटा के मुताबिक उत्तराखंड के जसपुर दरगाह वाले इस वीडियो को अभी तक सैकड़ों लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर चुके हैं। ट्विटर पर सुप्रीम कोर्ट के वकील Prashant Patel Umrao की पोस्ट को सबसे ज्यादा रिट्वीट और लाइक्स मिले हैं। लेख लिखे जाने तक Prashant Patel Umrao की पोस्ट को 6.3k रिट्वीट और 19.3k लाइक्स मिले थे। तो वहीं फेसबुक पर Deepak Kandwal की पोस्ट को सबसे लाइक और शेयर मिले हैं। फेसबुक पर Deepak Kandwal की पोस्ट को 13k लाइक्स और 2.5k शेयर मिले हैं। फेसबुक पर वायरल इस पोस्ट को यहां देखा जा सकता है। ट्विटर पर वायरल इस पोस्ट को यहां देखा जा सकता है। जबकि वायरल पोस्ट्स के अर्काइव लिंक को यहां और यहां पर देखा जा सकता है। वायरल दावे का सच जानने के लिए हमने गूगल पर कुछ कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया। इस दौरान हमें वायरल दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट Etvbharat की वेबसाइट पर मिली। जिसे 29 मार्च 2021 को प्रकाशित किया गया था। इस रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड के जसपुर में पतरामपुर के पास कालू सैय्यद बाबा की दरगाह पर शब-ए-बारात के मौके पर कुछ लोग दरगाह पर चादर चढ़ाने और इबादत करने आए थे। इसी दौरान इबादत करने आए लोगों और मजार के मुजाविरों में मामूली बात को लेकर नोकझोंक हो गई। नोकझोंक देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। दोनों गुटों की तरफ से लाठी-डंडों से मारपीट की गई। पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने इस पूरे मामले पर उत्तराखंड की जसपुर पुलिस से बातचीत की। उन्होंने हमें बताया कि ये दावा पूरी तरह से गलत है। इस पूरे मामले में हिंदू-मुस्लिम जैसा कोई ऐंगल नहीं है। मारपीट करने वाले दोनों ही गुट मुस्लिम थे। ये लड़ाई चंदे को लेकर हुई है। पुलिस के मुताबिक, “दरगाह पर कुछ समय से काफी चंदा आ रहा है। ऐसे में चादर चढ़ाने आए गुट ने दरगाह के निर्माण और व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए। जिसके बाद दोनों गुटों की ये बातचीत मार-पीट में बदल गई। जंगल इलाका होने के कारण भगदड़ मच गई। इस मार-पीट में कई लोगों को गंभीर चोट लगी है। इस पूरी घटना को हमने संज्ञान में ले लिया है। इस मामले पर FIR भी दर्ज कर ली गई है। पुलिस इस पर उचित कार्रवाई कर रही है।” छानबीन के दौरान हमें वायरल दावे से जुड़ा उत्तराखंड पुलिस का एक ट्वीट भी मिला। जिसे 30 मार्च 2021 को पोस्ट किया गया है। इस ट्वीट में उत्तराखंड पुलिस ने वायरल दावे को फर्जी बताया है। साथ ही ट्वीट में उत्तराखंड पुलिस ने यह भी बताया है कि मारपीट करने वाले दोनों गुट मुस्लिम समुदाय के हैं। हमारी पड़ताल के बाद ये स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड के जसपुर दरगाह के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा पूरी तरीके से गलत है। दरगाह पर न हिंदू चादर चढ़ाने के लिए गए थे और न ही वहां पर किसी हिंदू के साथ मार-पीट की गई है। ये मार-पीट दो मुस्लिम गुटों के बीच चंदे और दरगाह के निर्माण को लेकर हुई है। Read More – क्या तस्वीर में दिख रही औरतें जबरन इस्लाम कबूल करने वाली बांग्लादेशी स्वतंत्रता सेनानियां हैं? |Claim Review: उत्तराखंड के जसपुर दरगाह पर हिंदूओं को दौड़ा-दौड़ा का पीटा Claimed By: प्रशांत पटेल उमराव, वकील, सुप्रीम कोर्ट Fact Check: False Uttrakhand Police – https://uttarakhandpolice.uk.gov.in/dstations/12 Twitter – https://twitter.com/uttarakhandcops/status/1377254022147493895 Etvbharat – https://react.etvbharat.com/hindi/uttarakhand/state/udham-singh-nagar/controversy-between-two-parties-over-a-minor-issue-in-jaspur-dargah/uttarakhand20210329212253567 किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in Komal Singh January 16, 2025 Komal Singh December 17, 2024 Komal Singh November 28, 2024
schema:mentions
schema:reviewRating
schema:author
schema:datePublished
schema:inLanguage
  • Hindi
schema:itemReviewed
Faceted Search & Find service v1.16.115 as of Oct 09 2023


Alternative Linked Data Documents: ODE     Content Formats:   [cxml] [csv]     RDF   [text] [turtle] [ld+json] [rdf+json] [rdf+xml]     ODATA   [atom+xml] [odata+json]     Microdata   [microdata+json] [html]    About   
This material is Open Knowledge   W3C Semantic Web Technology [RDF Data] Valid XHTML + RDFa
OpenLink Virtuoso version 07.20.3238 as of Jul 16 2024, on Linux (x86_64-pc-linux-musl), Single-Server Edition (126 GB total memory, 11 GB memory in use)
Data on this page belongs to its respective rights holders.
Virtuoso Faceted Browser Copyright © 2009-2025 OpenLink Software