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| - Fact Check: AI निर्मित तस्वीर को असली शार्क समझ शेयर कर रहे हैं लोग
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें लोग एक विशाल शार्क के पास खड़े हैं। दावा किया जा रहा है कि यह 20वीं सदी में ली गई मेगालोडन शार्क की तस्वीर है। जांच में यह एआई द्वारा बनाई गई तस्वीर पाई गई, जिसे यूजर्स सच मानकर शेयर कर रहे हैं।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Jan 3, 2025 at 03:48 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर में कुछ लोगों को एक बेड़ियों में जकड़ी बड़ी-सी शार्क मछली के इर्द-गिर्द खड़े हुए देखा जा सकता है। पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह 20वीं सदी के आरंभ में ली गई एक तस्वीर है, जिसमें लोग मेगालोडोन (एक प्रकार का विशाल प्रागैतिहासिक शार्क) के साथ खड़े हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि यह एआई निर्मित तस्वीर है, जिसे यूजर्स सच समझकर शेयर कर रहे हैं।
क्या है वायरल पोस्ट
फेसबुक यूजर ‘Solanki Pradeep‘ (आर्काइव लिंक) ने तस्वीर को शेयर किया है और साथ में लिखा है “मेगालोडन जीवित है! 20वीं सदी की शुरुआत में, सीस्टर्म जहाज़ पर सवार जर्मन मछुआरों ने उत्तरी सागर में एक असाधारण खोज की: एक जीवित मेगालोडन शार्क, ऐसा जीव जिसके बारे में माना जाता है कि वह लाखों सालों से विलुप्त हो चुका है। जैसे ही उनकी नाव पर विशाल छाया छाई, मछुआरों को एक ज़बरदस्त चुनौती का सामना करना पड़ा।अस्थायी हार्पून और मज़बूत रस्सियों का उपयोग करते हुए, उन्होंने प्राचीन विशालकाय जानवर के खिलाफ़ भीषण लड़ाई लड़ी। तमाम बाधाओं के बावजूद, वे मेगालोडन को वश में करने और उसे वापस बंदरगाह तक ले जाने में कामयाब रहे, जहां इसकी कहानी जंगल की आग की तरह फैल गई। वैज्ञानिक समुदाय, जो शुरू में संदेहास्पद था, जीवित जीवाश्म को देखकर चकित रह गया। सीस्टर्म के चालक दल, जो कभी सिर्फ़ साधारण मछुआरे थे, स्थानीय किंवदंतियाँ बन गए। विस्मयकारी मेगालोडन को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी, और मछुआरों ने प्रसिद्धि और धन अर्जित किया। प्रागैतिहासिक विशालकाय के साथ इसकी मुठभेड़ समय के साथ गूंजती रही, जो विशाल और रहस्यमय समुद्र के नीचे छिपे अप्रत्याशित चमत्कारों के प्रमाण के रूप में काम करती है। ” ।
पड़ताल
इस पोस्ट की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले इस तस्वीर को गौर से देखा। तस्वीर को गौर से देखने पर पता चलता है कि इसमें किसी भी व्यक्ति का चेहरा पूरी तरह बना हुआ नहीं है। सबमें कोई न कोई कमी है। तस्वीर में पीछे की तरफ खड़े हुए सभी लोग एक जैसे दिख रहे हैं। इन सब को देखते हुए इसके एआई निर्मित होने का शक हुआ। पुष्टि के लिए हमने इस तस्वीर को एआई इमेज डिटेक्शन टूल्स पर जांचा।
हमने इस तस्वीर को एआई इमेज डिटेक्शन टूल हाइव मॉडरेशन से चेक किया, जिसमें इस तस्वीर के एआई निर्मित होने की संभावना 96 प्रतिशत बताई गई।
हमने इस तस्वीर को एक और एआई इमेज डिटेक्शन साइट इमेजिन से भी चेक किया, जिसमें इस तस्वीर के एआई निर्मित होने की संभावना 99 प्रतिशत बताई गई।
गूगल लेंस से ढूंढ़ने पर हमें यह तस्वीर artsaving नाम के एक इंस्टाग्राम पेज पर 11 नवंबर 2024 को अपलोड मिली। यहाँ तस्वीर को पोस्ट करते हुए मिडजर्नी और डेली जैसे AI तस्वीरें बनाने वाले टूल्स के हैशटैग लगे थे। इस पेज पर दी गई जानकारी के अनुसार, यहाँ मौजूद सभी तस्वीरें एआई टूल्स की मदद से बनाई गयी हैं।
हमने इस विषय में एआई विशेषज्ञ अजहर माचवे से बात की। उन्होंने बताया कि यह एआई से बनी तस्वीर है और एक सिंपल से प्रॉम्प्ट से ऐसी तस्वीरें बनाई जा सकती हैं।
इस पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर Solanki Pradeep के 5 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें लोग एक विशाल शार्क के पास खड़े हैं। दावा किया जा रहा है कि यह 20वीं सदी में ली गई मेगालोडन शार्क की तस्वीर है। जांच में यह एआई द्वारा बनाई गई तस्वीर पाई गई, जिसे यूजर्स सच मानकर शेयर कर रहे हैं।
- Claim Review : यह 20वीं सदी के आरंभ में ली गई एक तस्वीर है, जिसमें लोग मेगालोडोन (एक प्रकार का विशाल प्रागैतिहासिक शार्क) के साथ खड़े हैं।
- Claimed By : Facebook User Solanki Pradeep
- Fact Check : झूठ
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