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| - Last Updated on नवम्बर 27, 2023 by Neelam Singh
सारांश
फेसबुक पर जारी एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि नमक और सरसों का तेल दांतों पर लगाने से दांतों का पीलापन खत्म हो जाएगा। जब हमने इस वीडियो का तथ्य जाँच किया तब पाया कि यह दावा ज्यादातर गलत है।
दावा
फेसबुक पर जारी एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि नमक और सरसों का तेल दांतों पर लगाने से दांतों का पीलापन खत्म हो जाएगा।
तथ्य जाँच
ओरल हेल्थ का अर्थ क्या है?
एक अच्छे ओरल हेल्थ मतलब मौखिक तौर पर स्वस्थ्य होना बेहतर स्वास्थ्य की सबसे पहली सीढ़ी है इसलिए अपने दांतों और मुंह के हर हिस्से को स्वस्थ्य और साफ रखना बेहद जरुरी है। शोध के अनुसार ओरल हेल्थ में ना केवल दांतों की समस्याएं शामिल हैं बल्कि मुंह और चेहरे का दर्द, मुंह और गले का कैंसर, मुंह के घाव, मसूड़ों के रोग, दांतों की सड़न और अन्य स्थितियां भी शामिल हैं।
लोगों को ओरल हेल्थ के प्रति जागरुक करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने ओरल हेल्थ के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए रणनीति को लागू किया है।
किन कारणों से दांतों की रंगत प्रभावित होती है?
दांतों की रंगत दिनचर्या और खराब डेंटल हेल्थ के कारण प्रभावित होती है। चाय, कॉफी, शराब, अत्याधिक तैलीय खाद्य पदार्थों का सेवन करने से भी दांतों की रंगत प्रभावित होती है। इसके अलावा तंबाकू और धूम्रपान करने से भी दांतों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही समय पर ब्रश ना करना भी दांतों की सेहत को प्रभावित करते हैं। Fluoride युक्त पानी का सेवन भी दांतों की पीली रंगत के लिए जिम्मेदार होता है।
क्या नमक और सरसों तेल दांतों का पीलापन दूर करता है?
नमक मतलब सोडियम क्लोराइड का उपयोग कई टूथपेस्ट में किया जाता है। प्लाक के निर्माण को रोकने और दांतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के साथ-साथ मुंह के छालों को ठीक करने या दर्द में नमक का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि नमक की abrasive यानी की खुरदुरी प्रकृति के कारण इसका नियमित उपयोग हानिकारक हो सकता है।
वहीं सरसों के तेल की बात करें, तो इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं, जो बताता हो कि सरसों का तेल दांतों को सफेद करता हो।
क्या घर पर दांतों को सफेद करने के लिए घरेलू उपाय किए जा सकते हैं?
नहीं, हमेशा नहीं। दांतों को सफेद करने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें से अधिकतर प्रक्रियाएं दांतों की सतह के दागों को हटाती हैं। हालांकि घरेलू विकल्पों की तुलना में अधिकांश दंत चिकित्सक पर्याप्त रूप से प्रभावी वाइटनिंग प्रक्रियाएं प्रदान करते हैं, जो गंभीर रूप से फीके पड़े दांतों के लिए अधिक प्रभावी हो सकते हैं। साथ ही दांतों को सफेद करने वाले उत्पादों का अत्यधिक उपयोग दांतों को संवेदनशील बना सकता है।
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा भारद्वाज बताती हैं, “सरसों के तेल में ऐसे कोई गुण नहीं होते हैं, जो दांतों को सफेद बनाने में सहायक हो और ना ही ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण है। हालांकि ये मसूड़े की सूजन और मुंह की दुर्गंध से लड़ते हैं लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। वहीं नमक की खुरदुरी प्रकृति के कारण ये दांतों की उपरी परत को हटा सकते हैं, जो कई लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है।
अतः उपरोक्त शोध पत्रों एवं चिकित्सक के बयान के आधार पर कहा जा सकता है कि यह दावा ज्यादातर गलत है। अपने दांतों को चमकीला या सफेद बनाने को लेकर किसी भी भ्रामक दावों पर विश्वास ना करें।
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