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| - Last Updated on जनवरी 26, 2024 by Neelam Singh
सारांश
फेसबुक पर जारी एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि हल्दी, बेकिंग सोडा, नींबू और किसी भी ब्रांड का टूथपेस्ट डालकर दांतों पर लगाने से दांतों का पीलापन एक हफ्ते के अंदर खत्म हो जाएगा। जब हमने इस वीडियो का तथ्य जाँच किया तब पाया कि यह दावा ज्यादातर गलत है।
दावा
फेसबुक पर जारी एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि हल्दी, बेकिंग सोडा, नींबू और किसी भी ब्रांड का टूथपेस्ट डालकर दांतों पर लगाने से दांतों का पीलापन एक हफ्ते के अंदर खत्म हो जाएगा।
तथ्य जाँच
मौखिक स्वास्थ्य का अर्थ क्या होता है?
अच्छा मौखिक स्वास्थ्य मतलब मुंह का स्वस्थ्य होना और मौखिक स्वास्थ्य का बेहतर होना, एक बेहतर स्वास्थ्य की सबसे पहली सीढ़ी होती है इसलिए अपने दांतों और मुंह के हर हिस्से को स्वस्थ्य और साफ रखना बेहद जरुरी हो जाता है। शोध के अनुसार मौखिक स्वास्थ्य में ना केवल दांतों की समस्याएं शामिल हैं बल्कि मुंह और चेहरे का दर्द, मुंह और गले का कैंसर, मुंह के घाव, मसूड़ों के रोग, दांतों की सड़न और अन्य स्थितियां भी शामिल हैं।
इसके अलावा कुछ लोगों में स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां केवल मौखिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करने के कारण होती हैं। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए रणनीति को लागू किया है।
दांत सफेद करने का क्या महत्व है?
दांत सफेद करने का मतलब है, दांतों से पीलेपन की परत को हटा देना। हालांकि ऐसा रासायनिक प्रतिक्रिया के माध्यम से किया जा सकता है। दांत सफेद करना आमतौर पर एक जोखिम मुक्त प्रक्रिया है, जो ना केवल जीवनशैली बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार कर सकती है। दांत सफेद करना एक कम लागत वाली प्रक्रिया है, जो किसी व्यक्ति के खोए हुए आत्मविश्वास को वापस लेकर आती है, जिसे उसने केवल दांतों के पीलेपन के कारण पीछे छोड़ दिया है।
किन कारणों से दांतों की रंगत प्रभावित होती है?
Cleveland clinic के अनुसार दांतों की रंगत दिनचर्या और खराब आदतों के कारण प्रभावित होती है। चाय, कॉफी, शराब, अत्याधिक तैलीय पेय एवं खाद्य पदार्थों का सेवन करने से भी दांतों की रंगत प्रभावित होती है। इसके अलावा तंबाकू और धूम्रपान करने से भी दांतों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। वहीं समय पर ब्रश ना करना भी दांतों की सेहत को प्रभावित करता है। Fluoride युक्त पानी का सेवन भी दांतों की पीली रंगत के लिए जिम्मेदार होता है।
क्या घर पर हल्दी, बेकिंग सोडा, नींबू और टूथपेस्ट के जरिए दांतों को सफेद किया जा सकता है?
कुछ हद तक क्योंकि हल्दी में मौखिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की खूबियां पाई जाती हैं। हल्दी एक बेहतरीन Antioxidant, Anti-inflammatory और Antimicrobial की तरह काम करता है। Indian Journal of Dental Research के मुताबिक हल्दी दांतों एवं मसुड़ों को मजबूत बनाती है और सूजन, gingivitis और periodontitis जैसी दांतों की बीमारियों से रक्षा भी करती है। हालांकि ऐसा कोई शोधपत्र मौजूद नहीं है, जो कहता हो कि हल्दी उन सभी स्थितियों को ठीक कर सकती है जिनके कारण दांत पीले होते हैं।
वहीं बेकिंग सोडा में plague को हटाने के गुण होते हैं लेकिन अगर आप दांतों के पुराने दाग, किसी मेडिकल कंडिशन के कारण आए दाग या ड्रग्स का सेवन करने के साथ-साथ बेकिंग सोडा द्वारा दांतों को सफेद बनाने के बारे में सोंचेगे, तो ऐसा संभव नहीं है। इसके इतर दांतों पर लंबे वक्त तक इन चीजों का प्रयोग दांतों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
साथ ही नींबू के दांतों पर प्रभाव के बारे में National Library Of Medicine द्वारा प्रकाशित Influence of Various Acidic Beverages on Tooth Erosion. Evaluation by a New Method शोध पत्र बताता है कि नींबू का रस दांतों की ऊपरी परत Enamel को हटा देता है, जो दोबारा वापस नहीं आते। नींबू में एसिडिक गुण होते हैं, जो दांतों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालते हैं।
वहीं टूथपेस्ट में हाइड्रोजन पेरोक्साइड जैसे तत्व होते हैं, जो ब्लीचिंग की क्रिया को बढ़ाते हैं और यही दांतों को साफ और सफेद बना सकते हैं लेकिन इसका असर सीमित होता है। वे दांतों की सतह पर बाहरी दागों को हटा सकते हैं, जिससे यह साफ और सफेद दिख सकता है लेकिन दांतों के प्राकृतिक रंगत को बदलने पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा भारद्वाज बताती हैं, “दांतों को नींबू, हल्दी या बेकिंग सोडा के जरिए सफेद बनाने को लेकर कोई प्रमाण मौजूद नहीं है लेकिन नियमित तौर पर सही टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना और दांतों की देखभाल करना दांतों को स्वस्थ्य जरुर बनाए रख सकता है। खट्टे फलों जैसे नींबू में D-limonene होता है, जो एक प्राकृतिक तौर पर दाग हटाने में मदद करता है लेकिन दांतों के दाग या दांतों के पीलेपन को खत्म नहीं कर सकता। हालांकि किसी भी भ्रामक दावों का तुरंत समर्थन नहीं करना चाहिए बल्कि अपने दंतरोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए क्योंकि दांतों का स्वास्थ्य कई मानकों पर निर्भर करता है। केवल एक हफ्तों में दांतों को मोती के तरह चमकदार नहीं किया जा सकता है बल्कि इसके अन्य दुष्परिणाम हो सकते हैं।”
अतः उपरोक्त शोध पत्रों एवं चिकित्सक के बयान के आधार पर कहा जा सकता है कि दांतों को घरेलू नुस्खों द्वारा केवल एक हफ्तों में सफेद नहीं किया जा सकता। हालांकि, बेशक ये चीजें दांतों के लिए कुछ फायदे लेकर आएं लेकिन केवल इन्हीं पर भरोसा कर लेना सही नहीं है क्योंकि कई बार संक्रमण की समस्या भी देखी जा सकती है इसलिए यह दावा ज्यादातर गलत है।
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