‘राष्ट्रीय उजाला’ अखबार की बताई जा रही खबर की एक फोटो वायरल हो रही है. इस कथित खबर में बताया गया है कि मौलाना सज्जाद नोमानी ने यह बयान दिया है कि अगर महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (MVA) की सरकार बनती है, तो वह किसानों की जमीन और धार्मिक स्थलों (हिंदू) को वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर करने की मांग करेंगे.
सच क्या है?: यह अखबार की क्लिपिंग फर्जी है.
‘राष्ट्रीय उजाला’ ने साफ किया है कि उन्होंने ऐसा कोई लेख नहीं छापा है. मौलाना सज्जाद नोमानी ने भी साफ किया कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ?: हमने राष्ट्रीय उजाला की वेबसाइट और उनके सोशल मीडिया अकाउंट को चेक किया जहां हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली.
इसके साथ ही उन्होंने 19 नवंबर को अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर स्पष्ट किया है कि उनके अखबार की बायलाइन सहित दो अन्य क्लिपिंग फर्जी हैं.
वायरल तस्वीर में रिपोर्टर का नाम अंकित पाठक बताया गया है, हालांकि, प्रकाशन ने स्पष्ट किया कि उनकी पब्लिकेशन में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है.
हमें वायरल पोस्ट में किए गए दावों की पुष्टि करने वाली कोई अन्य विश्वसनीय रिपोर्ट भी नहीं मिली.
हमें 19 नवंबर 2024 को मौलाना सज्जाद नोमानी द्वारा X (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर की गई एक पोस्ट मिली, जिसमें बताया गया था कि उन्होंने अपने समर्थन के बदले महा विकास अघाड़ी (MVA) से कोई मांग नहीं की है.
पोस्ट में कहा गया है, "मीडिया में कुछ दोस्त और कुछ सांप्रदायिक लोग मुझे किसी उलेमा बोर्ड या काउंसिल से जोड़ रहे हैं और कह रहे हैं कि मैंने महा विकास अघाड़ी के दलों को 17 मांगों वाला एक पत्र लिखा था. मैं न तो किसी उलेमा बोर्ड या काउंसिल का अध्यक्ष हूं और न ही सदस्य हूं और न ही मैंने ऐसा कोई पत्र लिखा है. "
निष्कर्ष: मौलाना सज्जाद नोमानी की MVA से किसानों की जमीन वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर कराने की मांग करते हुए एक फर्जी अखबार की क्लिपिंग असली बताकर शेयर की जा रही है.
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