schema:text
| - Newchecker.in is an independent fact-checking initiative of NC Media Networks Pvt. Ltd. We welcome our readers to send us claims to fact check. If you believe a story or statement deserves a fact check, or an error has been made with a published fact check
Contact Us: checkthis@newschecker.in
Fact checks doneFOLLOW US
Fact Check
Claim
आचार संहिता लागू होने के बाद भाजपा के झंडों को छोड़कर आम आदमी पार्टी के झंडे/होर्डिंग उतारे जा रहे हैं।
Fact
वीडियो आचार संहिता लागू होने से पहले का है। वीडियो में ‘आप’ के पोस्टर नहीं, बल्कि कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष के पोस्टर हटाए जा रहे थे।
सोशल मीडिया पर 25 सेकंड का एक वीडियो इस दावे के साथ वायरल हो रहा है कि आचार संहिता लागू होने के बाद भाजपा के झंडों को छोड़कर आम आदमी पार्टी के झंडे/होर्डिंग उतारे जा रहे हैं।
गौरतलब है कि कथित आबकारी नीति घोटाले को लेकर 21 मार्च 2024 को ED ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को गिरफ़्तार कर लिया गया था। इसके बाद दिल्ली की मंत्री आतिशी ने ‘एक्स’ पोस्ट के जरिये दावा किया कि दिल्ली के आईटीओ स्थित आम आदमी पार्टी कार्यालय को भी सील कर दिया गया है।
इसी बीच एक वीडियो वायरल है, जिसमें नज़र आ रहा है कि खंभों पर लगे किसी प्रत्याशी के पोस्टर हटाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा के झंडे खंभों पर लगे हुए हैं। इस वीडियो को शेयर कर कहा जा रहा है कि ”ये है चुनाव आयोग का निष्पक्ष चुनाव, भाजपा का झंडा लहरा रहा है उसे नहीं उतारा जा रहा है और आम आदमी पार्टी का झंडा/होर्डिंग उतारा जा रहा है। क्या चुनाव आयोग कुछ करेगा या इसे भी #SupremeCourt #CJI को देखना पड़ेगा।” साथ में चुनाव आयोग के आधिकारिक हैंडल को टैग किया गया है।
ऐसे अन्य वायरल पोस्ट को यहाँ देखें।
Fact Check/Verification
जांच की शुरुआत में वीडियो को गौर से देखने पर हम पाते हैं कि वीडियो पर ‘NSUIRAJASTHANOFFICIAL’ नामक इंस्टाग्राम हैंडल का वॉटर मार्क लगा हुआ है।
‘@nsuirajasthanofficial’ के इंस्टाग्राम हैंडल को खंगालने पर हमने पाया कि इस पेज से वीडियो को 14 जनवरी 2024 को शेयर किया गया था, जबकि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता 16 मार्च 2024 को लागू की गयी थी। इसका मतलब यह हुआ कि दावे के साथ शेयर किया गया वीडियो आचार संहिता लागू होने से पहले का है।
एनएसयूआई के इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में सूबे की सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा गया है कि भजनलाल सरकार एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ के जयपुर आगमन पर डर गई है, जिसके चलते सरकार द्वारा उनके पोस्टर्स उतरवाए जा रहे हैं। वीडियो को ज़ूम करके देखने पर भी हमने पाया कि पोस्टर पर विनोद जाखड़ लिखा हुआ है।
गूगल पर कुछ कीवर्ड सर्च करने पर पता चला कि विनोद जाखड़ कांग्रेस से जुड़े एक नेता हैं। कई विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 7 जनवरी को कांग्रेस ने विनोद जाखड़ को राजस्थान NSUI का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था।
Conclusion
अपनी जांच से हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि वायरल दावा भ्रामक है। यह वीडियो आचार संहिता लागू होने से पहले का है।
Result: Missing Context
Sources
Post shared by NSUI Rajasthan on 14 January 2024.
Report published by Mint on 16th March 2024.
Report published by Hindustan on 7th January 2024.
Report published by Amar Ujala on 7th January 2024.
किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in
फैक्ट-चेक और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमारा WhatsApp चैनल फॉलो करें: https://whatsapp.com/channel/0029Va23tYwLtOj7zEWzmC1Z
Runjay Kumar
February 12, 2025
Runjay Kumar
February 12, 2025
Runjay Kumar
February 10, 2025
|