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| - Last Updated on मार्च 3, 2025 by Neelam Singh
सारांश
इंस्टाग्राम पर जारी एक पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में 4 मार्च से लॉक डाउन लगने वाला है। जब हमने इस पोस्ट का तथ्य जाँच किया तब पाया कि दावा बिल्कुल गलत है।
दावा
इंस्टाग्राम पर जारी एक पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में 4 मार्च से लॉक डाउन और कर्फ्यू लगने वाला है।
तथ्य जाँच
लॉक डाउन क्या होता है और इसे कब लगाया जाता है?
लॉक डाउन रोकथाम की स्थिति होती है, जो आपातकालीन स्थिति में समुदाय के अन्य लोगों से संपर्क सीमित करने के लिए लगाई जाती है। लोगों की सुरक्षा के लिए सामाजिक तौर पर मिलने-जुलने या बाहर जाने पर रोक लगाया जाता है, इसे ही लॉक डाउन कहा जाता है।
लॉक डाउन का उद्देश्य सुरक्षा से जुड़ी कई खतरनाक स्थितियों, जैसे- इलाके में हिंसा या महामारी से लोगों को बचाना होता है।
COVID-19 महामारी के दौरान वायरस के प्रसार को कम करने और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए दुनिया भर में अलग-अलग स्तर के लॉक डाउन लागू किए गए थे।
पूरे लॉक डाउन में लोगों को घर के अंदर रहने के लिए कहा जाता है। इस दौरान केवल जरूरी काम, जैसे- आवश्यक सेवाएं लेने के लिए ही बाहर जाने की अनुमति होती है। इस दौरान देशों और राज्यों की सीमाएं बंद रहती हैं और यात्री परिवहन, जैसे- हवाई, सड़क और सार्वजनिक परिवहन पर भी प्रतिबंध लगाए जाते हैं।
कर्फ्यू कब लगाया जाता है?
दावाकर्ता द्वारा जारी वीडियो में कर्फ्यू शब्द का भी जिक्र है। कर्फ्यू एक सरकारी आदेश होता है, जो विशेष परिस्थितियों में लागू किया जाता है। यह आदेश आमतौर पर हिंसा, दंगे, लूटपाट, आगजनी या अन्य विध्वंसक गतिविधियों को नियंत्रित करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जारी किया जाता है। कर्फ्यू के दौरान लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाता है, जिससे शांति और व्यवस्था बहाल की जा सके। भारत में कर्फ़्यू आदेश दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत कार्यकारी मजिस्ट्रेटों द्वारा जारी किया जाता है। इसका उल्लंघन दंडनीय होता है इसलिए नागरिकों को कर्फ्यू के नियमों का पालन करना आवश्यक हो जाता है। कर्फ्यू एक अस्थायी उपाय है, जो स्थिति सामान्य होने पर हटा लिया जाता है।
देखा जाए तो, कोरोना महामारी के दौरान भारत समेत कई देशों में कर्फ्यू लगाया गया था। भारत में 22 मार्च 2020 को सुबह के 7 बजे से रात के 9 बजे तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में जनता कर्फ्यू लगाया था। इसका उद्देश्य कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकना था। इस दौरान केवल आवश्यक सेवाओं, जैसे- अस्पताल, दवा दुकानें और किराने की दुकानों को खुला रखने की अनुमति थी।
भारत में लॉक डाउन कब लगा था?
हाल की बात करें तो कोरोना के दौरान भारत में लॉक डाउन लगने की स्थिति आई थी। कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 25 मार्च, 2020 से 21 दिनों के लिए पूरे देश में पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की थी। राष्ट्र के नाम एक विशेष टेलीविज़न संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा था कि बेहतरीन चिकित्सा सुविधाओं वाले देश भी वायरस को नहीं रोक पाए और इसे कम करने के लिए सामाजिक दूरी ही एकमात्र विकल्प है।
क्या हाल ही में उत्तर प्रदेश में लॉक डाउन और कर्फ्यू लगाए जाने की घोषणा हुई है?
नहीं। हाल ही उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में 13 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 तक महाकुंभ का आयोजन किया गया था, जहां करीब 66 करोड़ लोगों ने अपनी सहभागिता दर्ज की और त्रिवेनी में स्नान किया। इस दौरान कहीं से राज्य सरकार द्वारा लॉक डाउन या कर्फ्यू की बात सामने नहीं आई क्योंकि अगर किसी तरह का प्रतिबंध होता, तो इतना बड़ा आयोजन नहीं किया जाता।
दावाकर्ता की प्रोफाइल से क्या मिला?
क्योंकि दावाकर्ता द्वारा जारी वीडियो की क्वालिटी अच्छी नहीं है इसलिए जब हमने दावाकर्ता द्वारा जारी वीडियो को Google lens की मदद से ढूंढने की कोशिश की तो हमें असली वीडियो नहीं मिला। हालांकि हमें इसके जैसे दो अन्य वीडियो जरूर मिले, जिसका लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। ये दोनों वीडियो युट्युब पर जारी हुए हैं।
दावाकर्ता की प्रोफाइल का नाम jogindersingh_jaat_4229 है, जिसमें उसने 1286 पोस्ट्स किए हैं और 10.5K फॉलोवर्स हैं। साथ ही दावाकर्ता द्वारा जारी लॉक डाउन की पोस्ट में 91,470 लाइक्स हैं। इसे 9 फरवरी 2025 को जारी किया गया है। दावाकर्ता द्वारा जारी सारे पोस्ट्स अलग-अलग तरह के हैं, जिसमें कोई समानता नज़र नहीं आती। इसके अलावा काफी धार्मिक पोस्ट्स भी हैं।
अतः यह कहा जा सकता है कि यह दावा बिल्कुल गलत है। इसे केवल लोगों को भ्रम में डालने के लिए किया गया है। हमने पहले भी इस तरह के दावों की जाँच की है। जैसे- क्या महाकुंभ में कैंसर का चमत्कारी इलाज किया जा रहा है एवं क्या भारत देश में 21 दिन का लॉक डाउन लगने वाला है।
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