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| - Last Updated on अप्रैल 23, 2024 by Neelam Singh
सारांश
ट्विवटर पर जारी एक वीडियो पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि आम आदमी को आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिसमें एम्बुलेंस का ना मिलना शामिल है। जब हमने इस पोस्ट का तथ्य जाँच किया तब पाया कि यह दावा गलत है।
दावा
ट्विवटर पर जारी एक वीडियो पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि सरकार बिना अपने वादे पूरे किए मतदाताओं से वोट मांगती है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि एक युवक अपने हाथों में एक बच्ची को लिए हुए है, जिसकी मौत एम्बुलेंस ना मिलने के कारण हो गई है। दावाकर्ता (जिसने ये वीडियो साझा किया है) का कहना है कि लोगों को जरुरत की सुविधाएं नहीं मिल रही है और इसे लोकसभा चुनाव से संबंध किया गया है।
इस पोस्ट को एक दुसरे प्रोफाइल द्वारा reshare किया गया जिससे 2.5 million views देखे गए।
तथ्य जाँच
क्या सरकार द्वारा एम्बुलेंस की सुविधा पहुंचाने के लिए प्रयास किए गए हैं?
हां। NHM (National Health Mission) के अंतर्गत 108/102 नंबर डायल करके एम्बुलेंस की सेवा को प्राप्त किया जा सकता है। यह NHM के तहत संचालित होने वाली रोगी परिवहन एम्बुलेंस है। साल 2005 तक ये सुविधा मौजूद नहीं थी लेकिन अब राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में यह सुविधा है, जहां लोग एम्बुलेंस बुलाने के लिए 108 या 102 टेलीफोन नंबर डायल कर सकते हैं। बिहार में भी 102 नंबर डायल करके एम्बुलेंस की सुविधा को प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि हमें इस वेबसाइट पर साल 2015 के बाद का कोई डाटा नहीं मिला है।
डायल 108 मुख्य रूप से एक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली है, जिसे मुख्य रूप से गंभीर देखभाल वाले मरीजों, आघात और दुर्घटना पीड़ितों आदि की देखभाल के लिए डिज़ाइन किया गया है।
वहीं डायल 102 सेवाओं में अनिवार्य रूप से बुनियादी रोगी परिवहन शामिल है, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और बच्चों की जरूरतों को पूरा करना है। हालांकि अन्य श्रेणियां भी इसके तहत लाभ ले रही हैं और उन्हें सेवा से वंचित नहीं रखा गया है।
क्या लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान एम्बुलेंस सेवा बाधित हुई है?
अभी तक (April 23, 2024) सिर्फ एक चरण का मतदान हुआ है और एम्बुलेंस सेवा बाधित होने सम्बंधित कोई खबर उन निर्वाचन क्षेत्रों से नहीं आयी है। बढ़ती गर्मी के कारण इस बार के लोकसभा चुनाव की मुश्किलों से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने तैयारी भी की है। वोटर्स को हीट वेव और लू से परेशानी ना हो इसलिए चुनाव आयोग इस ओर लगातार काम कर रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश में एयर एम्बुलेंस और हेलिकॉप्टर की व्यवस्था की गई है। इसकी मदद से किसी भी आकस्मिक हालातों में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सकेगी।
हालांकि साल 2023 की खबर है कि तेलंगाना में चुनावी हंगामे के कारण एम्बुलेंस की आवाजाही बाधित हुई थी, जिससे महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने में देरी हुई थी। प्रतिक्रिया समय में यह देरी परिवहन किए जा रहे रोगियों के जीवन के लिए संभावित खतरे के बारे में चिंता पैदा करती है।
क्या बिहार के सीतामढ़ी का वीडियो सच है?
आपको बता दें कि ट्विवटर पर जारी यह वीडियो सच तो है लेकिन इसका लोकसभा चुनाव 2024 से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि इसे वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पोस्ट कर इस तरह से दिखाने का प्रयास किया गया है कि ये वीडियो वर्तमान समय का लगे, जो सच नहीं है।
ये वीडियो भले ही बिहार के सीतामढ़ी जिले का है लेकिन इसका लोकसभा चुनाव 2024 से संबंध नहीं है। यह घटना 7 सितंबर, 2018 को हुई थी जब एक बच्ची सिमरन की उंगली में सांप के काटने के कारण मौत हो गई थी। आपातकालीन स्थिति में उसे अस्पताल लेकर जाना था लेकिन ड्यूटी पर कोई ड्राइवर उपलब्ध नहीं था, जो उसे एम्बुलेंस से सीतामढ़ी के सदर अस्पताल ले जाता। इस कारण सिमरन के परिवार ने उसे अस्पताल ले जाने के लिए एक टेम्पो की व्यवस्था की लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ले जाते समय सिमरन की मौत हो गई।
उस वक्त भी इस वीडियो को ऐसे दिखाया गया था कि ये बच्ची को एम्बुलेंस 10 सितंबर, 2018 को घोषित भारत बंद के कारण नहीं मिला। इस बात की पुष्टि यह ट्विवटर पोस्ट करता है। यह जानकारी जहानाबाद के तत्कालीन डीएम, आलोक रंजन घोष ने दी थी।
इस वीडियो को अब तक 2.5 मिलियन लोग देख चुके हैं। इस वीडियो को Divya Gandotra Tandon ने भी ट्वीटर पर साझा किया है। हालांकि उन्होंने कमेंट बॉक्स में इस बात को स्वीकार किया है कि ये वीडियो पुराना है और ये बात भी उन्हें तब पता चली, जब लोगों ने इस बात को तूल दिया। सबसे गंभीर बात तो यह है कि इस वीडियो को साझा करने से जो क्षति पहुंची है, वो अपूरणीय है। यहाँ उल्लेखनीय है कि जब भी किसी वीडियो को किसी नामी प्रोफाइल से शेयर किया जाता है, तो उसकी जवाबदेही बढ़ जाती है। ऐसे में बेहतर यही है कि सोशल मीडिया पर कुछ भी साझा करने से पहले एक बार उसकी तथ्य जांच की जाए। उसे परखा जाए, कि क्या ये वीडियो वर्तमान संदर्भ में तार्किक है? बेहतर है कि जनता अपनी जवाबदेही को समझे और गलत जानकारियों से स्वयं से दूर रखे।
अतः उपरोक्त तथ्यों के अनुसार कहा जा सकता है कि यह लोकसभा चुनाव 2024 और इस वीडियो के बीच कोई संबंध नहीं है इसलिए ये दावा बिल्कुल गलत है। हालांकि, एम्बुलेंस सेवा चुनाव के दौरान बाधित होती है या नहीं, अभी कहा नहीं जा सकता है इसलिए यह दावा ज्यादातर गलत है क्योंकि यह वीडियो गलत विचार या धारणा फैलाने का प्रयास कर रही है।
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