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| - Last Updated on जुलाई 19, 2024 by Nivedita
सारांश
काफी सारे सोशल मीडिया के पोस्ट व व्हाट्सएप्प (whatsApp) पर शेयर किये गए मैसेज दावा करते है कि कलोंजी या निगेल्ला के बीज में हयड्रोक्सयचलोरोक्विने, एक मलेरिया विरोधी दवा है, पाया जाता है जो नावेल कोरोनावायरस से लड़ने में मदद करता है। हमारे जाँच पड़ताल से यह पता चला है कि यह पोस्ट्स आधा सच है।
दावा
विभिन्न सोशल मीडिया पोस्ट दावा कर रहे हैं कि “कलोंजी में 100 प्रतिशत हयड्रोक्सयचलोरोक्विने है और इसलिए यह कोरोनावायरस के इन्फेक्शन के इलाज में प्रभावी है”।
उनमे से एक पोस्ट का संग्रहीत संस्करण यहाँ है।
इसी तरह से एक व्हाट्सएप्प मैसेज द्वारा परिचालित दावे के अनुसार “७ कलोंजी के बीज को शहद और पानी के साथ सुबह नास्ते से पहले लेने से आप कोरोनावायरस से बचे रहेंगे”।
फैक्ट चेक
कलोंजी या निगेल्ला बीज क्या है?
निगेल्ला जो भारत में प्रशिद्ध रूप से कलोंजी के नाम से जाना जाता है, Nigella Sativa नामक एक फूल वाले पौधे के फल का बीज है।
पुरे भारत वर्ष में यह बीज रसोई में उपयों करने क लिए लोकप्रिय है और इसे विभिन नामों से भी जाना जाता है जैसे कला जीरा (बंगाली), कलेरजीरे (मराठी), करुनजारकम (तमिल), पीएजिला करा (तेलगु)।
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन क्या है?
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन एक मलेरिया-रोधी दवाई है। इसका उपयोग मलेरिया से बचाव एवं इलाज के लिए किया जाता है। यह दवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयां के बाद काफी चर्चित हो गयी जिसमे उन्होने इस दवाई का कोरोनावायरस के इलाज में सहायक होने का समर्थन किया।
क्या कलोंजी सीड्स में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन होता है?
हालांकि जो वायरल पोस्ट है वो यह दावा करते है की कलोंजी बीज में हयड्रोक्सयचलोरोक्विने है पर इनमे से कोई भी पोस्ट इस दावे के स्रोत का उल्लेख नहीं करते है। इंटरनेट पर पूरी तरह से खोज करने पर किसी भी समाचार रिपोर्ट या शोध रिपोर्ट का पता नहीं चल सका जो हाइड्रोनिक्सक्लोरोक्वीन को कलौंजी से जोड़ती है।
हालाँकि ऐसे रिपोर्ट्स सामने आये है जिसमे एक दूसरी दवा chloroquine के अंश पाये गए है जो एक मलेरिया-रोधी दवा है और जो चूहों में मलेरिया परजीवी के असर को कम करता है। पर कोई भी अध्ययन किसी भी तरह से chloroquine को कोरोनावायरस से नहीं जोड़ता।
क्या कलोंजी से कोविद-19, जो नावेल कोरोनावायरस (SARS-MOV-2019) से होने वाली बीमारी है, का इलाज हो सकता है?
अभी तक आयुष मंत्रालय से ऐसी कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है जो यह कही की कलोंजी के सेवन से कोविद-19 का खतरा नहीं होता। हालांकि, हमने अल्जीरिया (स्रोत) से एक शोध रिपोर्ट का पता लगाया है जिसमें दावा यह किया गया है कि न Nigella Sativa के बीज में कोरोनावायरस के “संभावित अवरोधक” पाए जाते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, “और अधिक अनुसंधान ज़रूरी है जो की Nigella Sativa को कोरोनावायरस संक्रमण के विरुद्ध औषधीय उपयोग को प्रमाणित करे तथा निवारक उपयोग को प्रोत्साहित करे। ”
अन्यथा क्या कालोनीजी स्वास्थ्य के लिए अच्छा है?
भारतीय सरकार की नेशनल हेल्थ पोर्टल के अनुसार कलोंजी, यूनानी चिकित्सा के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी बूटियाँ है। यह यूनानी और तिब्बत, आयुर्वेद और सिद्ध जैसी चिकित्सा की विभिन्न पारंपरिक प्रणालियों में बहुत लोकप्रिय है। बीजों के चिकित्सीय उपयोग पर एक शोध (स्रोत) के अनुसार इसे “एक चमत्कार जड़ी बूटी” कहा गया है।
इस्लामी साहित्य के अनुसार इसे उपचारात्मक दवा के रूप में उच्चतम माना गया है। इसे तिब्ब-ए-नबवी (भविष्यवाणी चिकित्सा) में नियमित आधार पर उपयोग करने की सिफारिश की गई है। यह व्यापक रूप से एंटीहाइपरटेन्सिव, लिवर टॉनिक, मूत्रवर्धक, पाचन, एंटी-डायरहाइडल, भूख उत्तेजक, एनाल्जेसिक, एंटी-बैक्टीरियल और त्वचा विकारों में उपयोग किया गया है।
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