Fact Check : सड़क किनारे बैठे व्यक्ति के साथ बदसलूकी करने वाले पुलिस अफसर का पुराना वीडियो वायरल
पांच साल पुराने वीडियो के जरिए फैलाया जा रहा है झूठ। चंदौली में 2020 में हुई थी घटना।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Jan 15, 2025 at 02:20 PM
- Updated: Jan 15, 2025 at 06:12 PM
नई दिल्ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक पुलिस अफसर को जमीन पर बैठे कुछ लोगों के साथ बदसलूकी करते हुए लात से मारते हुए देखा जा सकता है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को वायरल करते हुए इस पुलिस अफसर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो यूपी के चंदौली के बलुआ का है। वहां एक भीख मांगने वालों की एक पुलिसकर्मी ने पिटाई कर दी।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। यह भ्रामक साबित हुई। वर्ष 2020 के वीडियो को हालिया बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर शशांक चतुर्वेदी ने 12 जनवरी को एक वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया, “भूखे गरीब का अपराध बस इतना था कि भीख मांगने की गुस्ताखी कर डाली…. #वर्दी ने अपनी हनक से पेट भर दिया। #चंदौली के बलुआ #पुलिस की #शानदार_छवि तेजी से वायरल हो रही।”
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर दूसरे यूजर्स भी इसे शेयर कर रहे हैं। वायरल पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले वायरल वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर ऑरिजिनल सोर्स को ढूंढने के लिए हमने गूगल लेंस टूल के सहारे रिवर्स इमेज सर्च की मदद ली और सर्च में हमें कई खबरें मिलीं। न्यूज 18 की वेबसाइट पर मौजूद 22 जनवरी 2020 की एक खबर में बताया गया कि यूपी के चंदौली के बलुआ थाना प्रभारी अतुल नारायण सिंह का एक वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। वीडियो में उन्हें एक भिखारी को पहले हाथ और फिर लात मारते देखा जा सकता है।
कीवर्ड से सर्च करने पर हमें चंदौली पुलिस के एक्स हैंडल पर एसपी का एक बयान मिला। 28 जनवरी 2020 के इस बयान में चंदौली के एसपी को यह बोलते हुए सुना जा सकता है कि व्यक्ति को लात मारने वले बलुआ थाना के प्रभारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, चंदौली के ब्यूरो चीफ प्रदीप कुमार से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्ट को शेयर किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वायरल वीडियो 2020 का है। हाल फिलहाल में ऐसी कोई घटना यहां नहीं हुई है।
जांच के अंत में फेसबुक यूजर शशांक चतुर्वेदी के अकाउंट की जांच की गई। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि तीन हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह यूजर यूपी के लखनऊ में रहता है।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई। वर्ष 2020 के वीडियो को अभी का बताकर शेयर किया जा रहा है। उस वक्त एक पुलिस अफसर ने सड़क किनारे बैठे व्यक्ति के साथ बदसलूकी की थी। घटना के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
- Claim Review : चंदौली पुलिस ने भिखारी को मारा
- Claimed By : FB User Shashank Chaturvedi
- Fact Check : भ्रामक
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