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Fact Check
Claim
पंजाब में पुलिस की मौजूदगी में कई लोग बीजेपी का झंडा जला रहे हैं।
Fact
वायरल वीडियो पंजाब का नहीं, बल्कि हरियाणा का है और करीब 3 साल पुराना है।
देश में हो रहे लोकसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों की तरफ से प्रचार अपने चरम पर है। हरियाणा के कई गाँवों में किसान आंदोलन के चलते बीजेपी और जजपा के उम्मीदवारों को प्रचार के दौरान विरोध झेलना पड़ रहा है। गांव बुडाना में तो बीजेपी व जेजेपी नेताओं के गांव में घुसने पर प्रतिबंध के पोस्टर ही लगा दिए गए हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो इस दावे के साथ वायरल हो रहा है कि पंजाब में पुलिस की मौजूदगी में लोग बीजेपी का झंडा जला रहे हैं।
करीब ढाई मिनट लंबे वीडियो में नज़र आता है कि बीजेपी के झंडों को इकट्ठा करके उनमें आग लगाई जा रही है। वीडियो में पुलिस भी नज़र आ रही है और बीजेपी के झंडों में आग लगाने वाली भीड़ में से कुछ लोगों के हाथ में भारतीय किसान यूनियन का झंडा भी नज़र आता है। वीडियो के बैकग्राउंड में पंजाबी में कहा जा रहा है कि ‘भाजपा के झंडे लेकर जा रही गाड़ी से हमारे किसान भाइयों ने कातिल सरकार के झंडे उतार लिए हैं।’
पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया है कि ”पंजाब में किसान वेशधारी खालिस्तानियों ने बीजेपी कि रैली में सभी गाड़ियों से और रैली में शामिल लोगों से बीजेपी के झंडे छीनकर उन्हें आग के हवाले कर दिया! और यह सब हो रहा है पंजाब पुलिस के सामने, लेकिन भगवन्त मान ने उनके हाथ भी बांध रखे हैं! पंजाब में खालिस्तानी बीजेपी कार्यकर्ताओं के चुनाव प्रचार में भी बाधा उत्पन्न कर रहे हैं और उन्हें चुनाव प्रचार तक नहीं करने दे रहे हैं! खालिस्तानियों कि गुण्डागर्दी चरमोत्कर्ष पर है!पंजाब में केवल आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता स्वतन्त्ररूप से चुनाव प्रचार कर रहे हैं और उन्हें खालिस्तानियों का सहयोग भी प्राप्त हो रहा है!!” पोस्ट का आर्काइव यहाँ देखें।
इसी दावे के साथ वायरल हुए अन्य पोस्ट्स को यहाँ और यहाँ देखें।
Fact Check/Verification
दावे की पड़ताल के लिए सबसे पहले हमने पूरे वीडियो को ध्यानपूर्वक देखा और सुना। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति द्वारा पंजाबी में कहा जा रहा है कि ”भाजपा वाले गाड़ी भरकर झंडे लेकर जा रहे थे और हमारे किसान भाइयों ने सारे झंडे गाड़ी से उतारकर इकट्ठा किये हैं। किसान भाइयों द्वारा इनका पूरी तरह से विरोध किया गया है, क्योंकि यह कातिल सरकार है। इन्होने हमारे भाई को गाड़ी के नीचे कुचला है। ये कातिल सरकार का पूर्ण रूप से विरोध हो रहा है। ये उसी कातिल बीजेपी के झंडे हैं, जिन्होंने यूपी में हमारे किसान भाई का क़त्ल किया है।”
वीडियो में यूपी में किसान आंदोलनकारी के कथित तौर पर कार के नीचे कुचले जाने को लेकर रोष का जिक्र किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में प्रदर्शनकारी किसानों को कार से कुचलने की घटना 3 अक्टूबर 2021 की है। जिससे इस वीडियो के पिछले किसान आंदोलन के समय का होने को लेकर हमें शक हुआ।
जांच में आगे हम वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करते हैं। परिणाम में हमें 7 अक्टूबर 2021 को ‘खास हरियाणा‘ नामक यूट्यूब चैनल द्वारा अपलोड किया गया वीडियो मिलता है। वीडियो में इस घटना को हरियाणा के ऐलनाबाद का बताया गया है। वीडियो में कहा गया है कि किसानों ने बीजेपी के प्रचार के लिए लाये गए झंडों को गाड़ी से उतार लिया था और आग लगा दी थी।
पड़ताल में आगे यह वीडियो हमें बेबाक आवाज़ नामक फेसबुक पेज पर मिला। 7 अक्टूबर 2021 की पोस्ट में इस वीडियो को देखने से स्पष्ट हो गया कि यह वीडियो हालिया लोकसभा चुनाव के दौरान का नहीं है। वीडियो के कैप्शन में इसे ऐलनाबाद विधानसभा उप-चुनाव के दौरान का बताया गया है।
हमने बेबाक आवाज के रिपोर्टर जोगेंद्र पाल कथुरिया से फ़ोन पर बात की। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो हालिया नहीं, बल्कि 7 अक्टूबर 2021 का है। उस समय हरियाणा के ऐलनाबाद विधानसभा में उपचुनाव हो रहे थे। क्योंकि तब अभय चौटाला ने किसानों की मांगों के समर्थन में विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। बातचीत में आगे उन्होंने बताया कि घटना के समय वे उस स्थान पर मौजूद थे और झंडे जलाने की यह घटना किसानों द्वारा उस चुनाव में भाजपा और जजपा के विरोध में हुई थी।
जांच में आगे हमने घटना के दौरान मौजूद लोकल रिपोर्टर बलजीत सिरसा से भी बात की। फ़ोन पर हुई बातचीत में उन्होंने भी पुष्टि की कि यह प्रदर्शन 7 अक्टूबर, 2021 को हरियाणा के ऐलनाबाद में हुआ था।
Conclusion
इस तरह हमारी पड़ताल में यह बात स्पष्ट हो गई कि वायरल वीडियो करीब 3 साल पुराना और हरियाणा के ऐलनाबाद का है। इस वीडियो का हालिया लोकसभा चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।
Result: False
Sources
Facebook post by Bebak Aawaz on 7th October 2021.
You tube post by Khas Haryana on 7th October 2021.
Phonic conversation with the reporter of Bebak Aawaz Joginder Pal Kathuria.
Phonic conversation with local reporter Baljeet Sirsa.
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