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| - सोशल मीडिया पर हरिद्वार (Haridwar) का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें खुद को जावेद हुसैन बताने वाला एक शख्स हिंदू समुदाय को लेकर सांप्रदायिक टिप्पणी कर रहा है.
क्या है दावा?: कई बार गलत और भ्रामक सूचना फैला चुके चैनल Sudarshan News के पत्रकार सागर कुमार ने इस वीडियो को शेयर कर कैप्शन में लिखा, ''बचा लो मेरे उत्तराखंड को''.
(वीडियो में सांप्रदायिक टिप्पणियों का इस्तेमाल है. इसलिए हमने वीडियो से जुड़े किसी भी लिंक का इस्तेमाल इस स्टोरी में नहीं किया है.)
ये रिपोर्ट लिखते समय तक इस वीडियो को 1,17,000 से ज्यादा व्यू मिल चुके हैं.
सच क्या है?:
हरिद्वार पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो में दिख रहे शख्स की पहचान आगरा के दिलीप बघेल के तौर पर हुई है, जो कि हिंदू समुदाय से है.
पुलिस ने आगे कहा कि बघेल को दो यूट्यूबर्स ने पैसे और नशीला पदार्थ दिया था.
बघेल को गिरफ्तार किया जा चुका है और अब पुलिस उन लोगों को ढूंढ रही है जिन्होंने बघेल से वीडियो में ये चीजें कहलवाई थीं.
हमने सच का पता कैसे लगाया?: हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल और एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह ने घटना के संबंध में मीडिया से बताया कि वायरल वीडियो में दिखने वाला शख्स मुस्लिम नहीं है.
एसएसपी का बयान: वीडियो में सांप्रदायिक टिप्पणी करते दिख रहे शख्स की पहचान आगरा के रहने वाले दिलीप बघेल के रूप में हुई है.
ये मामला वर्गों के बीच दुश्मनी, घृणा या दुर्भावना पैदा करने या बढ़ावा देने वाले बयान देने के लिए, कोतवाली नगर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 505 के तहत दर्ज किया गया है.
बघेल जिसे अब गिरफ्तार किया जा चुका है. उसे कुछ लोगों ने नशा कराके वीडियो में बोलने के लिए प्रोत्साहित किया था.
एसपी का बयान: एसपी ने मीडिया को बताया कि वीडियो में दिख रहा शख्स मुस्लिम नहीं, हिंदू था. मामला संवेदनशील था और राज्य में शांति भंग हो सकती थी. इसलिए, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.
उन्होने ये भी बताया कि पुलिस उस यूट्यूबर की तलाश कर रही है, जिसने पैसे का लालच देकर शख्स से सांप्रदायिक बातें बोलने के लिए बोला था.
क्विंट को इस मामले से जुड़ी एफआईआर कॉपी मिली. ये एफआईआर 25 अक्टूबर को कोतवाली नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी. दो अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धार 505(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
आरोपी का कबूलनामा: उत्तराखंड पुलिस के ऑफिशियल X अकाउंट से आरोपी का एक वीडियो भी पोस्ट किया था, जिसमें उसे ये स्वीकार करते देखा जा सकता है कि वो दिलीप बघेल है, कोई मुस्लिम शख्स नहीं.
वीडियो में बघेल ने बताया कि उनसे ये बातें दो लोगों ने नशीला पदार्थ देकर कहलवाई थीं.
निष्कर्ष: पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो में दिख रहा शख्स हिंदू समुदाय से है और उसे पैसे और नशीला पदार्थ देकर ये सांप्रदायिक बातें कहलवाई गईं.
(पीयूष राय के इनपुट का भी इस्तेमाल स्टोरी में किया गया है.)
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