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| - Fact Check : झांसी में मुफ्ती खालिद नदवी को हिरासत में लेकर हुई थी पूछताछ, भ्रामक दावे के साथ वीडियो वायरल
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। भीड़ ने जरूर नदवी को छुड़वाने की कोशिश की थी, लेकिन अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर हालात पर काबू पा लिया गया था और नदवी को एनआईए द्वारा पुलिस लाइन में पूछताछ के लिए ले जाया गया था। एनआईए की टीम से मुफ्ती को छुड़ाने के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Dec 18, 2024 at 04:06 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें भीड़ को एक व्यक्ति को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाते हुए देखा जा सकता है। पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि मुफ्ती खालिद नदवी को हिरासत में ले जाती पुलिस के खिलाफ भीड़ ने जबरदस्ती की और उन्हें छुड़ाने में कामयाब हुए।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। भीड़ ने नदवी को छुड़वाने की कोशिश जरूर की थी, लेकिन अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर हालात पर काबू पा लिया गया और नदवी को एनआईए द्वारा पुलिस लाइन में पूछताछ के लिए ले जाया गया था।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर गौरव भारद्वाज (Archive Link) ने वायरल वीडियो को 12 दिसंबर को शेयर करते हुए दावा किया, “यह दृश्य बांग्लादेश का नहीं, भारत के उत्तर प्रदेश का है। यहां भी तुम्हारा संविधान रखा रहेगा और तुम देखते रह जाओगे! आज यह भीड़ एनआईए की हिरासत से आतंकी मुफ्ती खालिद नदवी को छुड़ा ले गई। आगे जाकर क्या होगा, सोच भी नहीं सकते! आज का जो बांग्लादेश है, वह आने वाले कल का भारत होगा!!”
पड़ताल
इस पोस्ट की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड सर्च किया। हमें मुफ्ती खालिद नदवी को लेकर 12 दिसंबर 2024 की कई खबरें मिलीं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार: “ऑनलाइन कट्टरपंथ के आरोपों के सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम ने गुरुवार को झांसी में मुफ्ती खालिद नदवी के आवास की आठ घंटे की तलाशी के बाद उनसे पूछताछ की। जैसे ही एनआईए ने नदवी को पूछताछ के लिए ले जाने की कोशिश की, महिलाओं और बच्चों सहित स्थानीय लोग मौलवी के घर के बाहर इकट्ठा हो गए और इस कदम का विरोध किया। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही नदवी को एनआईए द्वारा पुलिस लाइन में पूछताछ के लिए ले जाया जा सका।”
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की 12 दिसंबर 2024 की खबर के अनुसार: “जैसे ही एनआईए की टीम नदवी को ले जाने की कोशिश कर रही थी, स्थानीय मस्जिद से की गई घोषणा के बाद स्थानीय मुसलमान एनआईए के कदम का विरोध करने के लिए मौलवी के घर के बाहर इकट्ठा हो गए। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद नदवी को एनआईए पुलिस लाइन में पूछताछ के लिए ले जाया।”
वहीं दैनिक जागरण की 12 दिसंबर 2024 की खबर के अनुसार “ऑनलाइन व ऑफलाइन इस्लामिक कोचिंग सेण्टर चलाने वाले एक शिक्षक के घर में गुरुवार को तड़के लगभग 3 बजे एनआइए व एटीएस की टीम ने छापा मारा। घर को अन्दर से बन्द कर लगभग 6 घण्टे तक पूछताछ की गई। जब जाँच एजेंसियां शिक्षक को लेकर घर के बाहर निकली तो समुदाय विशेष के लोगों ने उन्हें घेर लिया और उसे साथ ले जाने की वजह पूछने लगे। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल पूछताछ के लिए पुलिस लाइन ले जा रहे हैं तो लोग भड़क उठे। एक मस्जिद से एलान कराया गया और देखते ही देखते सैकड़ों की तादात में महिलाएं व पुरुष एकत्र हो गए और पुलिस व अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की कर शिक्षक को छुड़ा ले गए। शिक्षक को एक मस्जिद में ले जाने के बाद उसे लोगों ने चारों ओर से घेर लिया। हंगामा की सूचना मिलने पर भारी मात्रा में पुलिस बल व अधिकारी पहुंच गए। दोनों पक्षों में कई दौर की बातचीत के बाद अधिकारी खाली हाथ लौट आए। उधर, दोनों पक्षों में हुए समझौते के तहत मुस्लिम समुदाय के कद्दावर लोगों ने स्वयं शिक्षक को पीछे के रास्ते से मस्जिद से बाहर निकाला और पुलिस के सुपुर्दकर दिया।“
इन रिपोर्ट्स से साफ हुआ कि भीड़ ने नदवी को हिरासत में लेने से रोका था, मगर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर हालात पर काबू पा लिया गया था और नदवी को एनआईए द्वारा पुलिस लाइन में पूछताछ के लिए ले जाया गया था। इन खबरों के अनुसार पूछताछ के बाद नदवी को छोड़ दिया गया था।
हमें इस मामले में और खबरें भी मिलीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने मुफ्ती को छुड़ाने के आरोप में 11 नामजद और 100 अज्ञात महिलाओं और पुरुषों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
विश्वास न्यूज ने झांसी एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह से पुष्टि के लिए बात की, जिन्होंने बताया- “मुफ्ती खालिद को 12 दिसंबर को एनआईए की टीम ने हिरासत में लिया था। टीम जब मुफ्ती को अपने साथ लेकर जा रही थी, तो मोहल्ले के लोगों ने धक्कामुक्की कर उन्हें छुड़ाने की कोशिश की थी। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर हालात पर काबू पा लिया गया था और नदवी को एनआईए द्वारा पुलिस लाइन में पूछताछ के लिए ले जाया गया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था। मामले में 11 नामजद और 100 अज्ञात महिलाओं और पुरुषों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है,। बाकी की तलाश जारी है।”
वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर Gaurav Bhardwaj के 13 हजार फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। भीड़ ने जरूर नदवी को छुड़वाने की कोशिश की थी, लेकिन अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर हालात पर काबू पा लिया गया था और नदवी को एनआईए द्वारा पुलिस लाइन में पूछताछ के लिए ले जाया गया था। एनआईए की टीम से मुफ्ती को छुड़ाने के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
- Claim Review : मुफ्ती खालिद नदवी को हिरासत में ले जाती पुलिस के खिलाफ भीड़ ने जबरदस्ती की और उन्हें छुड़ाने में कामयाब हुए।
- Claimed By : Facebook User गौरव भारद्वाज
- Fact Check : भ्रामक
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