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| - Last Updated on फ़रवरी 12, 2024 by Aditi Gangal
सारांश
एक वेबसाइट पर ‘मुहांसों और झाइयों का काल है जायफल, बस आजमाएं ये 3 तरीके’ शीर्षक के अंतर्गत दावा किया जा रहा है कि जायफल से चेहरों पर आए मुंहासों, झाइयों एवं काले धब्बों को हटाया जा सकता है। जब हमने इस लेख का तथ्य जाँच किया तब पाया कि यह दावा ज्यादातर गलत है।
दावा
एक वेबसाइट पर ‘मुहांसों और झाइयों का काल है जायफल, बस आजमाएं ये 3 तरीके‘ शीर्षक के अंतर्गत दावा किया जा रहा है कि जायफल से चेहरों पर आए मुंहासों, झाइयों एवं काले धब्बों को हटाया जा सकता है।
पोस्ट का स्क्रीनशॉट नीचे मौजूद है।
तथ्य जाँच
काले धब्बे क्यों होते हैं?
काले धब्बे मेलेनिन के अत्यधिक उत्पादन के कारण होते हैं। मेलेनिन एक हार्मोन है, जो हमारी त्वचा, बालों और आंखों को रंगत प्रदान करता है। मेलेनिन का उत्पादन मेलानोसाइट्स नामक विशेष कोशिकाओं द्वारा किया जाता है। जब ये कोशिकाएं अति सक्रिय हो जाती हैं या विभिन्न कारकों से उत्तेजित होती हैं, तो वे अधिक मेलेनिन का उत्पादन करती हैं, जिससे त्वचा पर काले धब्बे दिखाई देने लगते हैं।
काले धब्बे के कई कारक हो सकते हैं-
सूर्य के संपर्क में रहना: सूर्य से पराबैंगनी (यूवी) किरणें निकलती हैं, जो त्वचा की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त कर सकती हैं। इनसे त्वचा को बचाने के लिए शरीर द्वारा सुरक्षात्मक प्रतिक्रिया के रूप में अधिक मेलेनिन का उत्पादन करने के लिए मेलानोसाइट्स को उत्तेजित किया जाता है। यही कारण है कि शरीर में या चेहरे पर काले धब्बे उभरने लगते हैं।
हार्मोनल परिवर्तन: गर्भावस्था के दौरान शरीर में हुए परिवर्तन भी त्वचा के विशिष्ट क्षेत्रों में काले धब्बों को बढ़ावा दे सकते हैं।
पोस्ट-इंफ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन (पीआईएच): मुंहासे, एक्जिमा, सोरायसिस या अन्य त्वचा स्थितियों के कारण होने वाली त्वचा की सूजन से प्रभावित क्षेत्रों में मेलेनिन उत्पादन में वृद्धि और काले धब्बे हो सकते हैं।
आनुवंशिकी: आनुवंशिक कारकों के कारण कुछ व्यक्तियों में काले धब्बे विकसित होने की संभावना अधिक हो सकती है।
त्वचा पर उम्र का प्रभाव: जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे हमारी त्वचा में भी मेलेनिन उत्पादन को विनियमित करने की क्षमता में बदलाव आ सकता है, जिससे उम्र से संबंधित काले धब्बे बन सकते हैं।
दवाओं के सेवन के कारण: गैर-स्टेरायडल (एनएसएआईडी) दवाएं भी संवेदनशीलता का कारण बन सकती हैं, जिससे काले धब्बों की समस्या हो सकती है।
क्या जायफल के प्रयोग से काले धब्बे ठीक हो सकते हैं?
बिल्कुल नहीं। काले धब्बों का कोई स्थायी इलाज नहीं है। लेकिन ऐसे कई उपचार हैं, जो उनकी उपस्थिति को कम करने और नए धब्बों को बनने से रोकने में मदद कर सकते हैं। चेहरे पर काले धब्बों के लिए जायफल को अभी तक चिकित्सीय रूप में मान्यता नहीं मिली है। जबकि जायफल में रोगाणुरोधी, एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं, जो त्वचा को संभावित लाभ प्रदान कर सकते हैं।
काले धब्बों के इलाज में इसकी प्रभावशीलता का समर्थन करने के लिए सीमित वैज्ञानिक प्रमाण हैं। जायफल में पाया जाने वाला मिस्ट्रिसिन नामक यौगिक मेलेनिन उत्पादन को रोकने के लिए जाना जाता है। हालांकि एक अध्ययन में पाया गया है कि जायफल में काले धब्बों को कम करने की क्षमता है।
डर्माजेनिक्स में बतौर सलाहकार कार्यरत डॉ. रत्नाकर शुक्ला (एमडी, एमबीबीएस) बताते हैं, “जायफल में सूजन-रोधी, जीवाणुरोधी गुण होते हैं। साथ ही जायफल में कसैलापन भी होता है। यह काले धब्बों को कम करने में मदद कर सकता है। जैसे- एक समान रंग प्रदान कर सकता है। जायफल तैलीय त्वचा को संतुलित करने में भी मदद करता है लेकिन जायफल का थोड़ी मात्रा में ही इस्तेमाल करें, नहीं तो यह त्वचा को लाल कर सकता है। आमतौर पर जायफल के उपयोग को सुरक्षित माना जाता है इसलिए हर कोई इसका उपयोग कर सकता है, लेकिन इसके सेवन से मतिभ्रम और अन्य मानसिक दुष्प्रभाव हो सकते हैं। साथ ही हर व्यक्ति में इसके प्रभाव अलग-अलग हो सकते हैं।
एम्स दिल्ली से त्वचाविज्ञान और वेनेरोलॉजी में एमबीबीएस और एमडी डॉ. सचिन गुप्ता, वर्तमान में अमृता हॉस्पिटल, फ़रीदाबाद में कार्यरत हैं। वे बताते हैं, “आजकल सारी जानकारी इंटरनेट पर मौजूद है। देखा जाए, तो जायफल मिरिस्टिसिन और यूजेनॉल जैसे यौगिकों से समृद्ध है, जो जीवाणुरोधी गुणों के लिए जाने जाते हैं लेकिन त्वचा की देखभाल में उनकी वास्तविक प्रभावशीलता, विशेष रूप से मुंहासे जैसी स्थितियों के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है।”
वे आगे बताते हैं, “त्वचाविज्ञान में, प्राकृतिक तत्व हमेशा सुरक्षा या प्रभावकारिता प्रदान नहीं करते हैं, और जो हानि रहित लग सकता है, वह वास्तव में जोखिम भरा हो सकता है। त्वचा संबंधी समस्याओं का सामना करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श करना सबसे सुरक्षित तरीका है। त्वचा संबंधित परेशानियों के लिए घरेलू नुस्खों को इस्तेमाल करने से बचना चाहिए क्योंकि उनके दुष्परिणाम हो सकते हैं। हालांकि, काले धब्बों के इलाज में जायफल की प्रभावशीलता की पुष्टि के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि जायफल त्वचा में संक्रमण का कारण बन सकता है इसलिए इसे अपने चेहरे पर उपयोग करने से पहले पैच परीक्षण करना महत्वपूर्ण है। यदि आपको कोई जलन महसूस हो तो तुरंत उपयोग बंद कर दें। याद रखें, सभी घरेलू उपचार त्वचा की समस्याओं को ठीक नहीं कर सकते हैं।
काले धब्बों को कैसे रोकें?
काले धब्बों को रोकने में रोजाना ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का उपयोग करना, लंबे समय तक धूप में रहने से बचना और त्वचा को कपड़े से ढंकना आवश्यक है। काले धब्बों के उपचार में क्रीम का उपयोग किया जा सकता है, जिसमें हाइड्रोक्विनोन, रेटिनोइड्स, विटामिन सी मौजूद हो। इसका अलावा कुछ चिकित्सीय पद्धति जैसे- अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड, लेजर थेरेपी या माइक्रोडर्माब्रेशन के जरिए भी काले धब्बों का इलाज किया जा सकता है।
अतः उपरोक्त शोध पत्रों एवं चिकित्सक के बयान के आधार पर कहा जा सकता है कि यह दावा ज्यादातर गलत है।
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