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| - Last Updated on मार्च 6, 2025 by Neelam Singh
सारांश
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि डॉ देवी शेट्टी एवं पत्रकार रवीश कुमार द्वारा मधुमेह को ठीक करने के चमत्कारिक नुस्खे का प्रचार किया जा रहा है। जब हमने इस पोस्ट का तथ्य जाँच किया तब पाया कि यह दावा बिल्कुल गलत है।
दावा
फेसबुक पर जारी एक वीडियो पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि डॉ देवी शेट्टी एवं पत्रकार रवीश कुमार द्वारा मधुमेह को ठीक करने के चमत्कारिक नुस्खे का प्रचार किया जा रहा है, जो केवल चार दिनों में मधुमेह को ठीक करने का दावा करता है।
तथ्य जाँच
रवीश कुमार व डॉ देवी शेट्टी कौन हैं?
दावाकर्ता द्वारा जारी वीडियो के शुरूआत में पत्रकार रवीश कुमार को दिखाया है। रवीश कुमार एक प्रसिद्ध भारतीय पत्रकार, मीडिया व्यक्तित्व और लेखक हैं।
चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ देवी प्रसाद शेट्टी जाना-पहचाना नाम हैं। वे एक कार्डियोथोरेसिक सर्जन हैं। उन्हें लोगों के लिए सुलभ और सस्ता इलाज सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए जाना जाता है ताकि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा ना केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध हो।
क्या है दावाकर्ता द्वारा जारी वीडियो की सच्चाई?
जब हमने दावाकर्ता द्वारा जारी वीडियो को गुगल लेंस की मदद से सर्च किया, तब हमें डॉ. देवी शेट्टी का असली वीडियो Narayana Health के युट्युब एवं X अकाउंट पर मिला। यह वीडियो साल 2022 को विश्व हृदय दिवस के अवसर पर जारी किया गया था। हालांकि हमने रवीश कुमार के हिस्से को भी गुगल लेंस से ढूंढने की कोशिश की लेकिन हमें कुछ सटीक नहीं मिला।
इसके अलावा दावाकर्ता द्वारा जारी वीडियो में एक लिंक भी मौजूद है, जिसे क्लिक करके ज्यादा जानकारी लेने की बात कही गई है। जब हमने उस लिंक को क्लिक किया, तब हमें कुछ नहीं मिला। इससे साफ पता चलता है कि ये एक CLICK BAIT है।
साथ ही दावाकर्ता द्वारा जारी वीडियो केवल 3 मिनट 10 सेकंड का ही है। इसके बाद एक तस्वीर आती है, जिसमें कोई आवाज़ नहीं है। दावाकर्ता की प्रोफाइल का नाम Live healthy है, जिसके 447 फॉलोवर्स हैं और 337 लाइक्स हैं।
मधुमेह को प्रबंधित करने के सुरक्षित तरीके क्या हैं?
इस विषय पर जनरल फिजिशियन डॉ अतुल कुमार वशिष्ठ बताते हैं, “मधुमेह प्रबंधन में आमतौर पर एक स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखना शामिल है, जिसमें संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सक द्वारा बताई गई दवाएं शामिल हैं। किसी भी तरह के चमत्कारिक दावों से सावधान रहें। मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपनी स्थिति के प्रबंधन के लिए साक्ष्य-आधारित मार्गदर्शन के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श लें।”
फर्जी स्वास्थ्य दावे इतनी तेजी से क्यों फैलते हैं?
स्वास्थ्य संबंधी झूठे दावे तेजी से फैलते हैं क्योंकि वे मधुमेह जैसी जटिल स्थितियों के लिए आसान इलाज का वादा करते हुए झूठी उम्मीद देते हैं। देखा जाए, तो हर व्यक्ति अपनी समस्याओं से जल्द से जल्द निजात पाना चाहता है इसलिए कई बार लोग अनजाने में “चमत्कारी समाधानों” की ओर आकर्षित होते हैं, खासकर तब जब वे प्राकृतिक और सस्ते लगते हैं, जैसे- बेकिंग पाउडर।
सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप इन दावों को बढ़ावा देते हैं क्योंकि लोग तथ्यों की पुष्टि किए बिना उन्हें एक दूसरे से साझा करते हैं। गलत सूचना इसलिए भी फैलती है क्योंकि यह भावनाओं के साथ खेलती है। बीमारी का डर और जल्दी ठीक होने की इच्छा हर किसी को होती है। इसके अलावा, इस मामले में डॉ देवी शेट्टी जैसे चिकित्सक की ओर से भ्रामक सुर्खियां और नकली समर्थन दावों को और अधिक विश्वसनीय बनाते हैं। उचित तथ्य-जाँच के बिना ऐसी झूठी जानकारी तेजी से प्रसारित होती रहती है।
भारत में मधुमेह के आंकड़े क्या हैं?
भारत को विश्व में मधुमेह की राजधानी माना जाता है। ICMR-INDIAB-17 के अनुसार, भारत में करीब 10.1 करोड़ लोग मधुमेह और 13.6 करोड़ लोग प्रीडायबिटीज से पीड़ित हैं। यह संख्या 2019 में अनुमानित 7.7 करोड़ से काफी ज्यादा है और साल 2045 तक 13.4 करोड़ से अधिक होने की आशंका है। इनमें से करीब 57% लोगों को इसका पता ही नहीं चलता।
चूंकि मधुमेह का आंकड़ा बड़ा है और लोगों के पास सही जानकारी का अभाव है इसलिए लोग इस तरह के दावों पर भरोसा कर लेते हैं।
अगर आपको ऑनलाइन ऐसे दावे मिलते हैं, तो आपको क्या करना चाहिए?
अगर आपको ऑनलाइन स्वास्थ्य से जुड़े दावे मिलते हैं, तो उन पर विश्वास करने या उन्हें साझा करने से पहले हमेशा जानकारी की पुष्टि करें। जांच करें कि क्या विश्वसनीय स्वास्थ्य संगठन, चिकित्सक या वैज्ञानिक स्रोत दावे का समर्थन करते हैं। उन शीर्षकों से सावधान रहें जो “चमत्कारी इलाज” का वादा करते हैं या अतिशयोक्तिपूर्ण भाषा का उपयोग करते हैं।
विश्वसनीय उपचार केवल व्यक्तिगत कहानियों से नहीं, बल्कि शोध द्वारा समर्थित होते हैं। अगर किसी दावे में चिकित्सक का उल्लेख है, तो पुष्टि करें कि क्या वे वास्तव में इसका समर्थन करते हैं। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक खबरों एवं प्रतिष्ठित स्रोतों से जानकारी की जांच करें। अगर दावा संदिग्ध लगता है, तो गलत सूचना को फैलने से रोकने के लिए इसकी रिपोर्ट करें। आप हमें [email protected] पर मेल कर सकते हैं। साथ ही हमारी हेल्पलाइन नंबर +91 85078 85079 पर भी भेज सकते हैं।
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