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Fact Check
सोशल मीडिया पर दो तस्वीरों को शेयर करते हुए दावा किया गया है कि ‘तमिलनाडु सरकार ने राज्य में नए नियम के तहत, थॉमस राजन नाम के एक ऐसे ईसाई को हिन्दू मंदिर का पुजारी नियुक्त किया है, जो बियर पीता है और भगवान की मूर्ति पर खड़ा होता है।’
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने दो तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, ‘फ़ोटो में शराब पीता दिख रहा व्यक्ति थॉमस राजन, एक ईसाई है। इसको तमिलनाडु की सरकार ने एक मन्दिर में सरकारी पुजारी नियुक्त किया है। ये लोग ब्राह्मणों को बदनाम करने के लिए ऐसे फोटोग्राफ निकालते हैं, ताकि हिंदुत्व की बदनामी हो।’
उपरोक्त फेसबुक पोस्ट को यहां देखा जा सकता है।
उपरोक्त फेसबुक पोस्ट को यहां देखा जा सकता है।
उपरोक्त फेसबुक पोस्ट को यहां देखा जा सकता है।
उपरोक्त फेसबुक पोस्ट को यहां देखा जा सकता है।
वायरल दावे को ट्विटर पर भी शेयर किया गया है।
उपरोक्त ट्वीट के आर्काइव को यहां देखा जा सकता है।
बीते 21 जून को नवभारत टाइम्स द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने प्रदेश के मंदिरों में गैर ब्राह्मणों की नियुक्ति के लिए एक कोर्स शुरू करने का ऐलान किया है। सरकार द्वारा Tamilnadu Hindu Religious and Charitable Endowments (HR&CE) के अंर्तगत आने वाले 36,000 मंदिरों में पुजारियों की नियुक्ति का ऐलान किया गया है। न्यूज़18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2007 में डीएमके पार्टी की सरकार थी और तत्कालीन मुख्यमंत्री करुणानिधि ने ट्रेनिंग स्कूल (Agamic training School) की स्थापना की थी ताकि किसी भी जाति के इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण ले सकें। बाद में सरकार बदल गई और गैर ब्राह्मण पुजारी व्यवस्था पर रोक लग गई, लेकिन साल 2021 में तमिलनाडु में डीएमके की सरकार बनते ही, 24 गैर ब्राह्मणों को हिन्दू मंदिरों में पुजारी नियुक्त किया गया है।
वायरल हो रही तस्वीर का सच जानने के लिए हमने रिवर्स इमेज सर्च की सहायता से इसे खोजना शुरू किया, लेकिन हमें तस्वीर से संबंधित कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। इसके बाद हमने कुछ कीवर्ड्स की सहायता से यूट्यूब सर्च किया। इस प्रक्रिया में हमें 1:58 का एक वीडियो मिला। जिसको यूट्यूब चैनल पर 2017 में अपलोड किया गया था। इस वीडियो को देखने पर पता चलता है कि वायरल तस्वीर इसी वीडियो से ली गई है। वीडियो में पुजारी बोलते हुए नज़र आ रहा है कि उसका नाम शंकर है और वह चेन्नई के कोडंबक्कम का रहने वाला है और वह ‘Muthumariamman koil’ में काम करता है। आपको बताते चलें कि koil का मतलब भगवान का घर होता है। वीडियो बना रहा व्यक्ति, पुजारी को जयललिता के पोस्टर के सामने बियर पीने को बोल रहा है।
दूसरी तस्वीर में पुजारी मूर्ति के ऊपर खड़ा नज़र आ रहा है। जब हमने इस तस्वीर की पड़ताल शुरू की तो पता चला कि नन्दी वाहन पूजा में ऐसा किया जाता है, जहाँ पर कपालेश्वर और पार्वती की मूर्ति को नंदी के कंधों पर बैठाया जाता है।
वायरल हो रही तस्वीर का सच जानने के लिए हमने रिवर्स इमेज सर्च की सहायता से इसे सर्च किया। इस दौरान हमें एक ट्विटर हैंडल मिला, जहाँ इस तस्वीर को फरवरी 2020 में शेयर किया गया था।
इस तरह हमारी पड़ताल में यह साफ़ हो गया कि दोनों तस्वीरें, तमिलनाडु सरकार द्वारा मंदिरों में गैर ब्राह्मण पुजारी नियुक्ति किए जाने से पहले की हैं। पुजारी का नाम थॉमस राजन नहीं बल्कि शंकर था। दोनों तस्वीरों को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
SELF ANALYSIS
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Riya Pandey
November 11, 2021
Shubham Singh
December 30, 2021
Pragya Shukla
September 15, 2021
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