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| - Last Updated on जनवरी 26, 2024 by Neelam Singh
सारांश
एक वेबसाइट द्वारा प्रकाशित आलेख में दावा किया जा रहा है कि खाना खाते समय पानी पीने से पाचन प्रक्रिया बाधित होती है। जब हमने इस पोस्ट की जांच की तब पाया कि यह दावा असत्य है।
दावा
एक वेबसाइट पर ‘Say no to water between meals’ शीर्षक से एक आलेख प्रकाशित हुआ| इसमें मैक्रोबायोटिक काउंसलर ने उक्त दावे का समर्थन करते हुए कहा, “भोजन के दौरान पानी पीना पेट की पाचन शक्तियों को गंभीर रूप से बाधित करता है। साथ ही इंसुलिन के स्तर को भी अनियंत्रित करता है।”
हालांकि इस तरह के अनेक दावे सोशल मीडिया पर भी किए जा रहे हैं, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।
तथ्य जांच
क्या भोजन के दौरान पानी पीने से पाचन क्रिया बाधित हो सकती है?
नहीं, ऐसा कोई प्रमाण नहीं है, जो यह बताता हो कि भोजन के दौरान पानी पीने से पाचन में बाधा आती है। साल 1979 में हुए एक शोध ने पुष्टि की है कि मानव पाचन तंत्र भोजन की स्थिरता के अनुसार पूरे जठरांत्र संबंधी मार्ग (gastrointestinal tract ) में अपने स्राव को अनुकूलित करने में सक्षम है। यानी भोजन के दौरान पानी पीने से पाचन क्रिया बाधित नहीं होने का अनुमान है।
साल 1982 में ‘Gastric emptying of a physiologic mixed solid-liquid meal’ शीर्षक के एक अध्ययन में यह भी पाया गया कि एक साथ तरल पदार्थ लेने से पेट से ठोस पदार्थों के निकलने की दर प्रभावित नहीं होती है।
अमेरिका में मेयो क्लिनिक और भारत में यशोदा अस्पताल जैसे कई चिकित्सा संस्थानों ने अपनी वेबसाइट पर पुष्टि की है कि भोजन के दौरान पानी पीने से किसी भी तरह से पाचन को नुकसान नहीं होने का अनुमान है।
क्या अधिकतम स्वास्थ्य लाभ के लिए पानी पीने का कोई निश्चित समय है?
बिल्कुल नहीं। अधिकतम स्वास्थ्य लाभ के लिए पानी पीने का कोई निश्चित समय नहीं है। हालांकि बहुत कम सबूतों से पता चला है कि भोजन से पहले और व्यायाम से पहले और बाद में पानी पीने से ऊर्जा का सेवन और निर्जलीकरण कम हो सकता है।
कई अध्ययनों से पता चला है कि पानी की कमी मूड को प्रभावित कर सकती है और विभिन्न लोगों में संज्ञानात्मक हानि (cognitive impairment) का कारण बन सकता है। हालांकि पानी की कुल दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर पानी की कमी और इसके लक्षणों से बचा जा सकता है। साल 2013 में किए गए एक अध्ययन ने बच्चों, किशोरों और वयस्कों के लिए पानी की कुल दैनिक जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की है, जो पानी की कमी से बचा सकते हैं।
साल 2019 में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि ‘ड्रिंकिंग वॉटर एड लिबिटम’ यानी मनचाहा पानी पीने से शरीर में सोडियम के असंतुलन को रोका जा सकता है।
एक्सपर्ट से समझें पानी का गणित
डॉ. पी. राममनोहर, अनुसंधान निदेशक, अमृता सेंटर फॉर एडवांस्ड रिसर्च इन आयुर्वेद (ĀCĀRA) बताते हैं, “पीने के पानी के लिए कोई विशेष समय नहीं है बल्कि प्यास लगने पर ही पीना चाहिए। प्यास को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आप एक बार में कम मात्रा में पानी पी सकते हैं। जब अधिक गर्मी लगने लगती है और पसीना आता है, इन ऋतुओं में शरीर को पर्याप्त जल की पूर्ति करनी चाहिए क्योंकि शरीर अपनी नमी खोने लगता है।”
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