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| - Fact Check: CCTV कैमरे तोड़ते पुलिसकर्मियों का वीडियो संभल हिंसा से संबंधित नहीं
संभल हिंसा के नाम से वायरल पुलिसकर्मियों के सीसीटीवी तोड़ने के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Dec 13, 2024 at 03:15 PM
- Updated: Dec 13, 2024 at 05:16 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर सीसीटीवी कैमरे से छेड़छाड़ करते कुछ पुलिसकर्मियों का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो संभल का है। जहां पर पुलिसकर्मियों ने सीसीटीवी कैमरों को तोड़कर सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। वायरल वीडियो हाल-फिलहाल में संभल में हुई घटना का नहीं, बल्कि करीब चार साल पुराना है। वीडियो साल 2020 का है, जब दिल्ली के खजूरी खास में हुए नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोध प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मी सीसीटीवी कैमरे तोड़ते हुए नजर आए थे।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘कफील कुरैशी’ ने 12 दिसंबर 2024 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “गौर से देखिए इस वीडियो को और जल्द से जल्द दुनिया भर में viral कर दो इस वीडियो को के किस तरह बड़ी साजिशों के तहत up police Sambhal violence के सबूतों को मिटाने के लिए रोड पर और चौहराहे पर लगे cctv कैमरे को तोड़ रही और ताकि ये जो ज़ुल्म और genocide करने वाले हैं सम्भल के मुसलमानों का उसका कोई सबूत और निशान तक ना बचे इसकेलिए पूरी तैयारी के साथ हिंदुत्व के विष से भरे जहरीले भगवाधारी पुलिस प्रशासन इस पर लग गया हैं,कई दिनों से sambhal में इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है ताकि कोई भी वीडियो फोटो वारदात वायरल ना हो जाए sambhal के मुसलमानों की जान माल की हिफाजत की खातिर ये वीडियो हर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर खूब वायरल कर दो ताकि जालिमों का पर्दाफाश हो और मजलूम की हिफाजत हो।*Note : जितना भी ये नुकसान करे माहौल शांत होने के बाद इनका पूरा भुक्तान करदो शुद समेत कभी तो माहौल शांत होगा न ?”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल तस्वीर दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वीडियो ‘एडिटर जी’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 27 फरवरी 2020 को अपलोड किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो दिल्ली के खुरेजी खास में हुए सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान का है।
प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट द क्विंट की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 26 फरवरी 2020 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, वायरल वीडियो दिल्ली के खजूरी खास का है। जहां पर सीएए विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने आई पुलिस फोर्स में से कुछ पुलिसकर्मी सीसीटीवी कैमरे तोड़ते हुए नजर आए। द क्विंट ने उस दौरान खजूरी खास के एक पेट्रोल पंप के पास मौजूद कई दुकानदारों से बातचीत की थी, उन्होंने इस बात की पुष्टि की थी कि यह वीडियो खजूरी खास का है।
इस बारे में अधिक जानकारी हासिल करने के लिए हमने संभल में दैनिक जागरण के जिला प्रभारी ओम प्रकाश से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो यहां का नहीं है। वीडियो को गलत तरीके से वायरल करने वालों पर मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
द वायर की वेबसाइट पर 25 फरवरी 2020 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, “उत्तर पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास में हाईवे के नीचे एक चौक पर भीड़ ने बिरयानी की दुकान समेत कई इमारतों में आग लगा दी थी, जिसके बाद इलाके में दंगे भड़क गए थे।”
अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर के करीब 8.5 हज़ार फॉलोअर्स हैं। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि संभल हिंसा के नाम से वायरल पुलिसकर्मियों के सीसीटीवी तोड़ने के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। वायरल वीडियो हाल-फिलहाल में संभल में हुई घटना का नहीं, बल्कि चार साल पुराना है। वीडियो साल 2020 का है, जब दिल्ली के खजूरी खास में हुए नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कई पुलिसकर्मी सीसीटीवी कैमरे तोड़ते हुए नजर आए थे।
- Claim Review : संभल पुलिसकर्मियों ने तोड़े सीसीटीवी कैमरे।
- Claimed By : FB User Kafeel Quraishi
- Fact Check : भ्रामक
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