| schema:text
| - Fact Check : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ के नाम पर झूठी सांप्रदायिक पोस्ट वायरल
विश्वास न्यूज ने विस्तार से पूरे मामले की पड़ताल की। दावा झूठा और सांप्रदायिक साबित हुआ। इस मामले में ऐसी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया गया।
By: Ashish Maharishi
-
Published: Feb 25, 2025 at 01:25 PM
-
नई दिल्ली (Vishvas News)। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी को भगदड़ मचने से कई यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। अब इससे जोड़ते हुए दावा किया जा रहा है कि प्लेटफॉर्म बदलने की घोषणा करने वाला रेलवे कर्मचारी एक धर्म विशेष से जुड़ा हुआ था।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से पूरे मामले की पड़ताल की। दावा झूठा और सांप्रदायिक साबित हुआ। इस मामले में ऐसी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया गया।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर प्रदीप गोयल ने 18 फरवरी को एक पोस्ट करते हुए दावा किया, “आख़िरी समय में प्लेटफार्म बदलने की घोषणा करने वाला शान्तिदूत अशफ़ाक़ अंसारी गिरफ्तार। जिसने एक षड्यंत्र के अन्तर्गत अपनी घिनौनी मानसिकता को अंजाम दिया।”
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। पोस्ट को सच मानकर दूसरे यूजर्स भी इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के कारण हुई यात्रियों की मौत के बाद क्या किसी को गिरफ्तार किया गया है, यह जानने के लिए हमने सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। कीवर्ड टाइप करके सर्च करने पर हमें एक भी ऐसी खबर नहीं मिली, जो गिरफ्तारी की पुष्टि कर सके।
सर्च के दौरान हमें घटना से जुड़ी कई मीडिया रिपोर्ट मिली। इनमें विस्तार से भगदड़ के बारे में जानकारी दी गई। 16 फरवरी को दैनिक जागरण की वेबसाइट पर पब्लिश एक खबर में बताया गया, “महाकुंभ में संगम स्नान के लिए प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से शनिवार रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मच गई, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक घायल हुए हैं। घटना प्लेटफार्म नंबर 14/15 पर रात करीब साढ़े आठ बजे उस समय हुई, जब यहां प्रयागराज की ओर जाने वाली दो ट्रेनों का यात्री इंतजार कर रहे थे, लेकिन ये ट्रेनें नहीं पहुंचीं, जिससे प्लेटफार्म पर यात्रियों की भीड़ एकत्रित हो गई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने रेलवे स्टेशन पहुंचकर घटना का जायजा लिया और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए।”
सर्च के दौरान हमें एएनआई की एक पोस्ट मिली। 16 फरवरी की इस पोस्ट में जानकारी देते हुए बताया गया कि घटना की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। दो सदस्यीय समिति में पीसीसीएम, उत्तर रेलवे नरसिंह देव और पीसीएससी उत्तर रेलवे पंकज गंगवार शामिल हैं। कमेटी का गठन कल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की जांच के लिए किया गया है। कमेटी ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के सभी वीडियो फुटेज सुरक्षित करने का आदेश दिया है। रेल मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। एचएजी जांच शुरू हो गई है।
विश्वास न्यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, नई दिल्ली के प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट संतोष कुमार सिंह से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्ट को शेयर किया। उन्होंने जानकारी देते हुए इसे फर्जी बताया।
जांच के अंत में झूठा सांप्रदायिक दावा करने वाले यूजर की जांच की पड़ताल की गई। पता चला कि यूजर चंडीगढ़ में रहता है। इसके सात सौ से ज्यादा फेसबुक फ्रेंड हैं।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट झूठी साबित हुई। 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ मामले में किसी भी ऐसे शख्स को गिरफ्तार नहीं किया गया है, जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया गया है।
Claim Review : आखिरी समय में प्लेटफार्म बदलने की घोषणा करने वाला शान्तिदूत अशफ़ाक़ अंसारी गिरफ्तार
-
Claimed By : FB User Pradeep Goyal
-
Fact Check : झूठ
-
पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं
सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...
|