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  • Last Updated on अक्टूबर 12, 2023 by Neelam Singh सारांश फेसुबक पर एक वीडियो के जरिये दावा किया जा रहा है कि हफ्ते में दो-तीन बार प्याज का रस भौंहों पर लगाने से वे काली और घनी होती हैं। जब हमने इस वीडियो का तथ्य जाँच किया तब पाया कि यह दावा ज्यादातर गलत है। दावा फेसुबक पर एक वीडियो के जरिये दावा किया जा रहा है कि हफ्ते में दो-तीन बार प्याज का रस भौंहों पर लगाने से वे काली और घनी होती हैं। तथ्य जाँच बाल सफेद क्यों हो जाते हैं? बढ़ती उम्र के साथ बालों का सफेद होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। हार्वर्ड हेल्थ ब्लॉग बताता है, “जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, बालों के रोमछिद्र कम रंगत उत्पन्न करते हैं इसलिए जब बाल प्राकृतिक चक्र यानी की नये बालों का उगना और पुराने बालों के टूटने की प्रक्रिया से गुजरते हैं, तो 35 की उम्र के बाद उनके सफेद होने की संभावना अधिक होती है। बालों के सफेद होने में आनुवंशिकी भी अहम भूमिका निभाती है।” साथ ही ऐसी कई अन्य चिकित्सीय स्थितियां हैं, जो बालों के जल्दी सफेद होने का कारण बन सकती हैं, जिसे आमतौर पर समय से पहले सफेद होना कहा जा सकता है। इन कारणों में विटामिन की कमी, थायराइड रोग, विटिलिगो और Alopecia areata शामिल हैं। वहीं कई लोगों का मानना है कि तनाव भी बालों के सफेद होने का कारण बनता है। हालांकि इस बात को सिद्ध करने के लिए वैज्ञानिक प्रमाणों का अभाव है। साल 2020 में चूहों पर किया गया एक अध्ययन बताता है कि तनाव के कारण भी बाल सफेद हो सकते हैं लेकिन यही घटना मानव शरीर पर काम करती है या नहीं, यह अज्ञात है। क्या भौंह के बालों को सफेद से दोबारा काला और घना किया जा सकता है? बालों के सफेद होने की प्रक्रिया को canities या achromotrichia, भी कहा जाता है। शोध बताता है कि बाल चाहे सिर के हो या भौंह के, बालों का सफेद होना एक आनुवंशिक प्रक्रिया है इसलिए इस प्रक्रिया के विपरीत जाना संभव नहीं है। हालांकि सही खानपान और चिकित्सीय प्रक्रियाओं की मदद से भौंहों की रंगत को सफेद होने से बचाया जा सकता है लेकिन केवल उन्हीं स्थितियों में जब कारण आनुवांशिक या चिकित्सीय ना हो। डॉ. स्वाति वाटवानी, Dermatologist and Medical Director, Persianlily – Skin/Hair/Aesthetics/Ayurveda Clinic, कहती हैं, “बालों का सफ़ेद होना आमतौर पर तब शुरू होता है, जब आप 40 की उम्र पार कर चुके होते हैं। बालों (सिर या भौंह) का समय से पहले सफेद होना किसी बीमारी के कारण भी संभव हो सकता है। इसलिए कारण का पता लगाकर उसके अनुसाहैर उपचार करके समय से पहले बालों को सफेद होने से रोका जा सकता है लेकिन सफ़ेद हो चुके बालों को काला नहीं किया जा सकता है। ऐसा सिर्फ तभी संभव है जब आप ब्यूटी उत्पादों का प्रयोग कर बालों को मनचाहे रंग में रंगते हैं।।” वे आगे बताती हैं, “प्याज का रस माइक्रो सर्कुलेशन को बढ़ावा दे सकता है क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण भी होते हैं। यहां एक बात ध्यान रखने की जरुरत है कि भौंह के बाल शरीर की त्वचा से सीधे तौर पर जुड़े होते हैं। दूसरी ओर सिर के बाल scalp से जुड़े होते हैं इसलिए किसी भी तरह का प्रयोग करने से संक्रमण की समस्या हो सकती है। साथ ही इस दावे की पुष्टि करने के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, जो बताता हो यह भौंह के सफेद बालों को काला कर देगा।”
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