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| - Last Updated on सितम्बर 25, 2022 by Neelam Singh
सारांश
एक सोशल मीडिया पोस्ट द्वारा दावा किया जा रहा है कि बेकिंग सोडा को पानी के साथ पीने से कैंसर को ठीक किया जा सकता है। जब हमने इस पोस्ट का फैक्ट चेक किया तब पाया कि यह दावा बिल्कुल असत्य है।
दावा
एक सोशल मीडिया पोस्ट द्वारा दावा किया जा रहा है कि बेकिंग सोडा को पानी में मिलाकर से कैंसर को ठीक किया जा सकता है। इस वीडियो को 24,303 बार देखा जा चुका है।
तथ्य जांच
बेंकिग सोडा क्या है?
बेकिंग सोडा का रसायनिक नाम सोडियम बाइकार्बोनेट है, जिसका रासायनिक सूत्र NaHCO3 है। बेकिंग सोडा एक क्षारीय (Basic) यौगिक है। ये ठोस क्रिस्टल की तरह होता है लेकिन बाद में इसे पीसकर चूर्ण बना दिया जाता है। अमूमन इसका इस्तेमाल बेक्ड खाने में किया जाता है।
क्या है कैंसर का आंकड़ा?
ICMR द्वारा जारी रिपोर्ट ‘Burden of cancers in India’ के अनुसार भारत में सात प्रकार के कैंसर में 40% बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारत में साल 2025 तक कैंसर का आंकड़ा 29.8 लाख तक पहुंच जाएगा।
कैंसर क्यों होता है?
Science Direct द्वारा प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार आमतौर पर शरीर की कोशिकाएं नियंत्रित तरीके से बढ़ती हैं और विभाजित होती हैं। जब सामान्य कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है या कोशिकाएं पुरानी हो जाती हैं, तो वे स्वयं समाप्त हो जाती हैं और उनकी जगह स्वस्थ कोशिकाएं ले लेती हैं। कैंसर में कोशिकाओं के विकास को नियंत्रित करने वाले संकेत ठीक से काम नहीं करते और कोशिकाएं असामान्य रुप से बढ़ने लगती हैं, तब उसे ट्युमर कहा जाता है। जब ये कई गुना बढ़ जाती हैं तो यही कोशिकाएं कैंसर का रुप ले लेती हैं। Diffen द्वारा जारी शोध पत्र के अनुसार हर ट्युमर कैंसर नहीं होता बल्कि ट्युमर तब कैंसर का रुप लेता है, जब Malignant ट्युमर हो।
ट्युमर कितने प्रकार के होते हैं?
Jama Network द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार ट्युमर दो प्रकार के होते हैं- Malignant और Benign. Benign ट्युमर धीरे-धीरे बढ़ते हैं और शरीर के अन्य कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचाते। वहीं Malignant ट्युमर का विकास जल्दी होता है और ये एक जगह सीमित ना रहते हुए शरीर की अन्य कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचाते हैं, जिसे Metastasis कहा जाता है।
क्या बेकिंग सोडा द्वारा संभंव है कैंसर का इलाज?
National Library Of Medicine द्वारा जारी एक शोध पत्र के अनुसार बेकिंग सोडा का इस्तेमाल हाइपर एसिडिटी को ठीक करने के लिए किया जाता है क्योंकि बेकिंग सोडा में एंटाएसिड के गुण पाए जाते हैं। Moffitt Cancer Centre द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार बेकिंग सोडा सफेद रक्त कोशिका के एक प्रकार- T-Cells के उत्पादन को बढ़ा देता है, जिससे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और ट्युमर का बनना रुक जाता है लेकिन इस विषय पर अन्य अध्ययनों का अभाव है।
जब हमने इस विषय में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष सिंहल से बात की तब उन्होंने बताया कि, “बेकिंग सोडा द्वारा कैंसर का इलाज नहीं किया जा सकता है। वहीं बेकिंग सोडा के अत्याधिक सेवन करने से शरीर का पीएच स्तर बिगड़ जाता है, जो सामान्यतः 7.4 होता है, जिससे अन्य स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है।”
अंततः उपरोक्त शोध एवं डॉक्टर के बयान के अनुसार कहा जा सकता है कि बेकिंग सोडा द्वारा कैंसर के इलाज का दवा झूठ है।
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