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  • Fact Check: UGC के नए नियमों पर रोक से पहले का है राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ का जश्न मनाते हुए वीडियो सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाई है, जबकि मिठाई खाते राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ का यह वीडियो 31 दिसंबर 2025 का है। इसका यूजीसी मामले से कोई संबंध नहीं है। By: Sharad Prakash Asthana - Published: Feb 1, 2026 at 10:24 AM - नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। इससे जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिठाई खाते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक लगने के बाद का है। विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो 31 दिसंबर 2025 का है, जबकि यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को रोक लगाई है। क्या है वायरल पोस्ट? इंस्टाग्राम यूजर mr_ashu_thakur ने 29 जनवरी 2026 को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया है। इस पर लिखा है, “UGC Remove, जलेवी पार्टी।” पड़ताल वायरल दावे की जांच के लिए हमने पहले वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। एक्स यूजर Roshan Kumar Journalist ने इस वीडियो को 1 जनवरी 2026 को पोस्ट करते हुए लिखा कि राजनाथ सिंह अयोध्या दौरे पर पहुंचे थे। हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनको मिठाई खिलाई। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के फेसबुक पेज पर भी 1 जनवरी को अपलोड वायरल वीडियो को अयोध्या का बताया गया है। दैनिक जागरण के फेसबुक पेज पर भी इस वीडियो को देखा जा सकता है। इंस्टा हैंडल officalajaysinghchauhan0007 से इस वीडियो को 31 दिसंबर 2025 को शेयर करते हुए लिखा, “आज अयोध्या धाम स्थित पावन श्री हनुमानगढ़ी में राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके बाद दोनों पूज्य आश्रम पधारे। इस पावन अवसर पर श्री श्री 1008 महंत राजू दास जी महाराज और हनुमानगढ़ी अयोध्या (राष्ट्रीय अध्यक्ष, हिन्दू सुरक्षा सेवा संघ) ने दोनों को गदा एवं श्री हनुमान जी महाराज की भव्य प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।” राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ के अयोध्या में पूजा-अर्चना के इस कार्यक्रम को रिपब्लिक भारत के यूट्यूब चैनल पर भी देखा जा सकता है। इस बारे में हमने अयोध्या में दैनिक जागरण के ब्यूरो प्रमुख रमाशरण अवस्थी से संपर्क कर उनको वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह 31 दिसंबर को अयोध्या आए थे। यह वीडियो तब का है। बीबीसी की वेबसाइट पर 29 जनवरी को छपी खबर के अनुसार, ”सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थान में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026’ पर फिलहाल रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, ‘यूजीसी प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेग्युलेशंस 2026’ के प्रावधानों में प्रथम दृष्टया अस्पष्टता है और इनके दुरुपयोग की आशंका है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। बता दें कि यूजीसी ने 13 जनवरी को नए नियम जारी किए थे।” वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के इंस्टाग्राम पर पांच हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं। निष्कर्ष: सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाई है, जबकि मिठाई खाते राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ का यह वीडियो 31 दिसंबर 2025 का है। इसका यूजीसी मामले से कोई संबंध नहीं है। Claim Review : यूजीसी के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद जश्न मनाते राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ का वीडियो। - Claimed By : Insta User- mr_ashu_thakur - Fact Check : झूठ - Lorem Ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry. Lorem Ipsum has been the industry's standard dummy text ever since the 1500s, - Lorem Ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry. Lorem Ipsum has been the industry's standard dummy text ever since the 1500s, - Lorem Ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry. Lorem Ipsum has been the industry's standard dummy text ever since the 1500s, - Lorem Ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry. Lorem Ipsum has been the industry's standard dummy text ever since the 1500s, - Lorem Ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry. Lorem Ipsum has been the industry's standard dummy text ever since the 1500s, - पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...
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