Fact Check : छत्रपति शिवाजी की जयंती का नहीं, राम मंदिर परिसर में हुए परफॉर्मेंस का है यह वीडियो
छत्रपति शिवाजी जयंती के समारोह के नाम से वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो जनवरी 2024 का है और राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के कुछ दिनों के बाद का है। जब प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर परिसर के बाहर पुणे से आई ढोल टीम ने जबरदस्त परफॉरमेंस देते हुए भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया था।
By: Pragya Shukla
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Published: Feb 25, 2025 at 12:49 PM
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Updated: Feb 25, 2025 at 05:30 PM
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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर राम मंदिर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोगों को भगवा रंग के झंडे लिए नारे लगाते हुए और ढोल पर परफॉर्म करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अयोध्या में श्री राम मंदिर में छत्रपति शिवाजी की जयंती के मौके पर यह कार्यक्रम किया गया।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो जनवरी 2024 का है और राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के कुछ दिनों के बाद का है। जब प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर परिसर के बाहर पुणे से आई ढोल टीम ने जबरदस्त परफॉरमेंस देते हुए भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। बता दें कि 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी जयंती मनाई जाती है। राम मंदिर के पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ छत्रपति शिवाजी जयंती से जोड़ते हुए शेयर किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘गोवर्धन चौड़ेकर’ ने 20 फरवरी 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर श्री राम मंदिर अयोध्या से ‘जय भवानी-जय शिवाजी’ का उद्घोष!”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज के जरिए सर्च किया। हमें वीडियो का लंबा वर्जन रिपब्लिक भारत के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 25 जनवरी 2024 को अपलोड किया गया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, “महाराष्ट्र के ढोल कलाकारों के एक समूह ने 25 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के बाहर परफॉर्म किया। पुणे के कलाकारों के परफॉर्मेंस ने राम लला के दर्शन करने आए भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।”
अन्य न्यूज रिपोर्ट्स को यहां पर देखा जा सकता है।
प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट लोकसत्ता की वेबसाइट पर मिली। मराठी भाषा में लिखी इस रिपोर्ट को 25 जनवरी 2024 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, राम मंदिर के उद्घाटन समारोह के कुछ दिनों बाद पुणे की एक ढोल टीम ने अयोध्या पहुंचकर ढोल के जरिए भगवान राम का स्वागत किया था।
बैंक बाजार नामक एक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, हर साल 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी जयंती मनाई जाती है।
अधिक जानकारी के लिए हमने अयोध्या दैनिक जागरण के संपादकीय प्रभारी रमा शरण अवस्थी से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना है और राम मंदिर के उद्घाटन के दिनों का है।
अंत में हमने वीडियो को गलत जानकारी के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 4.6 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि छत्रपति शिवाजी जयंती के समारोह के नाम से वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो जनवरी 2024 का है और राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के कुछ दिनों के बाद का है। जब प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर परिसर के बाहर पुणे से आई ढोल टीम ने जबरदस्त परफॉरमेंस देते हुए भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। बता दें कि 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी जयंती मनाई जाती है। राम मंदिर के पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ छत्रपति शिवाजी जयंती से जोड़ते हुए शेयर किया जा रहा है।
Claim Review : छत्रपति शिवाजी की जयंती के मौके पर राम मंदिर में आयोजित किया गया कार्यक्रम।
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Claimed By : FB User Gowardhan Chaudekar
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Fact Check : झूठ
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