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| - Fact Check: बिहार में लोगों के चीता के साथ होली खेलने का वीडियो असली नहीं, AI निर्मित
बिहार में चीता के साथ लोगों के होली खेलने के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल हो रहा वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि एआई-निर्मित है।
By: Pragya Shukla
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Published: Mar 5, 2026 at 03:24 PM
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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। चीता के साथ होली खेलते लोगों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह होली में बिहार में हुई घटना का है, जहां लोगों ने तेंदुए को भी नहीं छोड़ा और उसे रंग लगा दिए।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल हो रहा वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि एआई-निर्मित है।
क्या हो रहा है वायरल?
एक्स यूजर ‘Roshani Maurya’ ने 2 मार्च 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “खबर बिहार की है जहां पटना स्थित एक गांव में तेंदुआ आ गया और अगर यहां कोई और राज्य के लोग होते तो डर जाते लेकिन बिहार में टैलेंट की कमी नहीं है वहां के लोगों ने तुरत तेंदुवा के ऊपर रंग , गुलाल लगाकर होली का त्यौहार मनाया और तेंदुवा भी पूरी तरह शांत रहा पूरी वीडियो देखिए।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली।
हमने जब वीडियो को गौर से देखा, तो पाया कि इसमें कई तकनीकी खामियां हैं। वीडियो में नारंगी रंग की टी-शर्ट पहने लड़के की प्रतिक्रिया काफी रोबोटिक है। वह अपना हाथ एक ही तरीके से बार-बार हिला रहा है। साथ ही एक शख्स ने पट्टा पकड़ा हुआ है, जो चीता के गले में बंधा ही नहीं है। इतने सारे लोग चीता पर रंग लगा रहे हैं, लेकिन वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। यह काफी अटपटा लगा रहा है। ऐसे में वीडियो के एआई से बने होने का हमें संदेह हुआ।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने एआई डिटेक्शन टूल्स का इस्तेमाल किया। ‘udetectable’ ने इस वीडियो के 96 फीसदी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने होने का संकेत दिया।
हमने ‘bitmind’ टूल का भी इस्तेमाल किया। यहां वायरल वीडियो को सर्च करने पर नतीजों से पता चला कि यह एआई की मदद से बनाया गया है। टूल ने 90 फीसदी तक वीडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई।
एक दूसरे टूल ‘matrix.tencent’ ने वीडियो के 71.43 फीसदी एआई होने की संभावना जताई।
जांच के दौरान हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाल कर उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘oye_sanki_1’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। वीडियो को 1 मार्च 2026 को शेयर किया गया था। अकाउंट के बायो में मौजूद जानकारी के मुताबिक, यूजर इसी तरह के एआई वीडियो शेयर करता है। अकाउंट पर इस तरह के कई अन्य एआई वीडियो भी मौजूद हैं।
अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण पटना के चीफ रिपोर्टर जितेंद्र कुमार से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। इस तरह की कोई घटना राज्य में नहीं हुई है। एआई वीडियो को गलत दावे से सोशल मीडिया पर लोग शेयर कर रहे हैं।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 8 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर जुलाई 2024 से एक्स पर सक्रिय है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि बिहार में चीता के साथ लोगों के होली खेलने के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल हो रहा वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि एआई-निर्मित है।
Claim Review : बिहार में लोगों ने तेंदुए के साथ खेली होली।
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Claimed By : X User Roshani Maurya
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Fact Check : झूठ
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