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| - Fact Check: गणतंत्र दिवस पर 2012 व 2026 में उत्तर प्रदेश की ओर से निकाली गई झांकियों में बदलाव का दावा करती पोस्ट भ्रामक
उत्तर प्रदेश की झांकी के नाम से वायरल दावा गलत है। पहली तस्वीर साल 2025 में म्यूजिक बैंड के गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की शुरुआत करने की है। वहीं, दूसरी तस्वीर साल 2016 में उत्तर प्रदेश की ओर से निकाली गई झांकी की है। साल 2026 में एकमुखी लिंग के जरिए बुंदेलखंड की आध्यात्मिकता और वास्तुकला को दर्शाया गया था। यूपी की झांकी बुंदेलखंड की शाश्वत भव्यता से जुड़ी हुई थी।
By: Pragya Shukla
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Published: Jan 28, 2026 at 11:05 AM
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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर गणतंत्र दिवस की परेड को लेकर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। पोस्ट में दो तस्वीरों को शेयर किया जा रहा है। पहली तस्वीर में भगवा रंग के कपड़े पहने परेड करते हुए कुछ लोग नजर आ रहे हैं। वहीं, दूसरी तस्वीर में धार्मिक टोपी पहने हुए एक स्टैचू सिलाई करता हुआ नजर आ रहा है। दोनों तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पहली तस्वीर साल 2026 में गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर उत्तर प्रदेश की ओर से निकाली गई झांकी की है, जबकि दूसरी तस्वीर साल 2012 में उत्तर प्रदेश की ओर से निकाली गई झांकी की है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। पहली तस्वीर साल 2025 में म्यूजिक बैंड के गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की शुरुआत करने की है। वहीं, दूसरी तस्वीर साल 2016 में उत्तर प्रदेश की ओर से निकाली गई झांकी की है। साल 2026 में एकमुखी लिंग के जरिए बुंदेलखंड की आध्यात्मिकता और वास्तुकला को दर्शाया गया था। यूपी की झांकी बुंदेलखंड की शाश्वत भव्यता से जुड़ी हुई थी।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Bhabhut Dayma Keer’ ने 26 जनवरी 2026 को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “उत्तर प्रदेश की झांकी..पहला चित्र 2026 दूसरा चित्र 2012 फर्क साफ है।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने दोनों तस्वीरों को गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। पहली तस्वीर हमें लाइव मिंट की आधिकारिक वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 26 जनवरी 2025 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “देश के विभिन्न क्षेत्रों के विभिन्न वाद्य यंत्रों का उपयोग करते हुए 300 सांस्कृतिक कलाकारों ने ‘सारे जहां से अच्छा’ गीत प्रस्तुत करते हुए परेड की शुरुआत की।”
पड़ताल के दौरान हमें वायरल तस्वीर से जुड़ा वीडियो NDTV India के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी मिला। वीडियो को 26 जनवरी 2025 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, “कर्तव्य पथ पर गणतंत्र का जश्न देखिए 300 कलाकारों का समूह।” 300 कलाकारों ने काफी अलग-अलग म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट के साथ परेड की शुरुआत की थी।
पीआईबी की ओर से 25 जनवरी 2025 को जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, “परेड में 300 सांस्कृतिक कलाकार देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर ‘सारे जहां से अच्छा’ की धुन बजाएंगे। वहीं, साल 2026 में जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, ‘विविधता में एकता’ थीम पर 100 सांस्कृतिक कलाकार परेड की शुरुआत करेंगे।
दूसरी तस्वीर हमें गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च करने पर गेट्टी इमेज की वेबसाइट पर मिली। मौजूद जानकारी के अनुसार, वायरल तस्वीर साल 2016 में उत्तर प्रदेश की ओर से निकाली गई झांकी की है।
जांच के दौरान हमें उत्तर प्रदेश की ओर से साल 2026 में निकाली गई झांकी से जुड़ी एक रिपोर्ट एबीपी न्यूज की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 26 जनवरी 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ आधुनिकता के संगम ने गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर प्रदेश की झांकी ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। बुंदेलखंड की प्राचीन विरासत और आधुनिक उत्तर प्रदेश का अनूठा संगम देख लोग तालियां बजाते हुए अपने स्थानों से खड़े होने पर मजबूर हो गए। प्रदेश की झांकी की थीम ‘बुंदेलखंड की शाश्वत भव्यता’ पर आधारित थी। प्रदेश की झांकी के सामने वाले हिस्से में एकमुखी लिंग (कालिंजर की प्रसिद्ध मूर्तियों में से एक) का भव्य चित्रण नजर आ रहा था। यह बुंदेलखंड की गहरी आध्यात्मिकता और असाधारण वास्तुकला विरासत का उदाहरण है। बीच का हिस्सा इस क्षेत्र की जीवित शिल्प परंपराओं को उजागर करता है, मिट्टी के बर्तन (मृद्भांड कला), मनके का काम (मनका शिल्प) और जीवंत स्थानीय हाट। ये सभी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के अंतर्गत आते हैं, जो बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक आत्मनिर्भरता की रीढ़ हैं।”
साल 2026 में उत्तर प्रदेश की ओर से निकाली गई झांकी का वीडियो हमें ‘Sansad TV’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 26 जनवरी 2026 को शेयर किया गया था। वीडियो में एकमुखी लिंग को दर्शाते हुए देखा जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए हमने गणतंत्र दिवस के समारोह को कवर करने वाले दैनिक जागरण दिल्ली के रिपोर्टर लोकेश शर्मा से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि पहली तस्वीर उत्तर प्रदेश की ओर से साल 2026 में निकाली गई झांकी की नहीं है।
अंत में हमने पोस्ट को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 105के लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को नागपुर में रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि उत्तर प्रदेश की झांकी के नाम से वायरल दावा गलत है। पहली तस्वीर साल 2025 में म्यूजिक बैंड के गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की शुरुआत करने की है। वहीं, दूसरी तस्वीर साल 2016 में उत्तर प्रदेश की ओर से निकाली गई झांकी की है। साल 2026 में एकमुखी लिंग के जरिए बुंदेलखंड की आध्यात्मिकता और वास्तुकला को दर्शाया गया था। यूपी की झांकी बुंदेलखंड की शाश्वत भव्यता से जुड़ी हुई थी।
Claim Review : 2012 और 2026 के बीच गणतंत्र दिवस परेड की झांकियों में बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर।
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Claimed By : FB User Bhabhut Dayma Keer
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Fact Check : भ्रामक
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