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| - Fact Check: यह तस्वीर अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों की नहीं, ग्वाटेमाला भेजे गए अवैध प्रवासियों की है
ट्रंप सरकार के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका से 104 भारतीय प्रवासियों को डिपोर्ट कर भारत भेजा गया है। हालांकि, इस मामले से जोड़कर वायरल हो रही तस्वीर भारत डिपोर्ट किए गए लोगों की नहीं, बल्कि अमेरिका से ग्वाटेमाला डिपोर्ट किए गए अवैध प्रवासियों की है। अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट किए जाने की प्रक्रिया नई नहीं है और इससे पहले भी ओबामा और बाइडेन के कार्यकाल में अमेरिका अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करता रहा है।
By: Abhishek Parashar
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Published: Feb 6, 2025 at 05:08 PM
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Updated: Feb 6, 2025 at 05:13 PM
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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिका से डिपोर्ट कर वापस भेजे गए 104 भारतीयों के मुद्दे पर संसद में जबरदस्त हंगामा हुआ और इसे लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में बयान देते हुए स्थिति को स्पष्ट किया। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें विमान में हाथों और पैरों में हथकड़ी से बंधे लोग नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों की हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। वायरल हो रही तस्वीर भारत डिपोर्ट या निर्वासित किए गए भारतीयों की नहीं है, बल्कि ग्वाटेमाला डिपोर्ट किए गए अवैध प्रवासियों की है।
हालांकि, अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों (अन्य देशों को डिपोर्ट किए गए प्रवासियों की तरह) को भी अमेरिकी नियमों के तहत यहां भेजा गया है। इससे पहले भी समान नियमों के तहत भारतीय प्रवासियों को डिपोर्ट किया जाता रहा है।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Ajay Singh Chhimpa’ ने वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, हाउ डी मोडी – ट्रम्प,,,,,,,, डंका डना डन…अमेरिका में अगर भारतीय गैरकानूनी प्रवाशी थे,,,,,तो वापसी सम्मानजनक तो होनी चाहिए थी,,,, क्या भारत अमेरिका के सबंध इतने खतरनाक ह की भारतीयों के पैरों हाथों में हथकड़िया डालकर वापस भारत भेजा गया,,,,,डूब मरो सरकार,,,,,,, थूकता ह ऐसी विदेश नीति पर हर भारतीय।”
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस तस्वीर को समान दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, पांच फरवरी को श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिका विमान लैंड हुआ, जिसमें अमेरिका से डिपोर्ट यानी निर्वासित किए गए 104 से अधिक भारतीय मौजूद थे। डिपोर्ट किए गए प्रवासियों में से अधिकांश गुजरात, पंजाब और हरियाणा के रहने वाले हैं।
कई अन्य रिपोर्ट्स में भी डिपोर्ट किए गए भारतीय प्रवासियों की तस्वीर और उनकी आपबीती का जिक्र है, जो वायरल पोस्ट में नजर आ रही तस्वीर से मेल नहीं खाती है। वायरल तस्वीर के ऑरिजिनल सोर्स को ढूंढने के लिए हमने रिवर्स इमेज की मदद ली और सर्च में यह तस्वीर कई रिपोर्ट्स में लगी मिली, जिसमें इसे ग्वाटेमाला के अवैध प्रवासियों का बताया गया है।
30 जनवरी 2025 की फॉक्स न्यूज.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अमेरिका से ग्वाटेमाला डिपोर्ट किए गए अवैध प्रवासियों की तस्वीर है।
elsoldeyakima.com की रिपोर्ट में भी इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, “टेक्सस के एल पासो में गुरुवार, 30 जनवरी, 2025 को फोर्ट ब्लिस में एक सैन्य विमान में मास्क पहने और हथकड़ी लगाए (ये) प्रवासी ग्वाटेमाला भेजे जाने का इंतजार कर रहे हैं।”
इंडिपेंडेंट.को.यूके की न्यूज रिपोर्ट में भी इस तस्वीर को ग्वाटेमाला भेजे गए अवैध प्रवासियों का बताया गया है। एपी न्यूज के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से भी इस तस्वीर को ग्वाटेमाला के निर्वासितों का बताकर शेयर किया गया है।
हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल हो रही तस्वीर भारत डिपोर्ट किए गए प्रवासियों की नहीं है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को डिपोर्ट करना शुरू किया है और इसी के तहत पांच फरवरी को भारतीय प्रवासियों की पहली खेप को लेकर अमेरिकी सैन्य विमान अमृतसर में लैंड हुआ।
हालांकि, अवैध प्रवासियों के भारत आने के बाद सियासी घमासान मच गया और विपक्षी दलों ने इसे लेकर सड़क से लेकर संसद तक प्रदर्शन करना शुरू किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन भारतीय प्रवासियों को विमान से यहां लाया गया, उनके हाथ और पैरों में हथकड़ी लगी थी।
यूएस बॉर्डर पैट्रोल (UBSP) के चीफ ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से अमेरिकी मिलिट्री प्लेन से अवैध प्रवासी भारतीयों को भारत भेजे जाने का वीडियो जारी किया है, जिसमें उनके हाथों और पैरों में हथकड़ी लगी हुई है।
इस मामले को लेकर संसद में हुए हंगामे के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बयान देकर स्थिति को स्पष्ट किया और बताया कि न तो अमेरिका से डिपोर्ट या निर्वासन की प्रक्रिया नई है और न ही उन्हें भेजे जाने की प्रक्रिया में कोई बदलाव हुआ है।
राज्यसभा में बयान देते हुए जयशंकर ने बताया कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है। 2009 से 2014 के बीच में भी अवैध प्रवासी भारतीय को डिपोर्ट कर वापस भेजा गया था। उन्होंने बताया कि 2009 में जहां 734 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया, वहीं 2016 में यह संख्या बढ़कर 1303 हो गई। जयशंकर ने वर्ष 2009 से लेकर 2024 के बीच डिपोर्ट किए गए भारतीयों के आंकड़ों को सदन में रखा।
हाथ और पैरों में हथकड़ी लगाकर डिपोर्ट किए जाने के मामले में बयान देते हुए उन्होंने कहा, “आईसीई की तरफ से विमान में डिपोर्ट किए जाने के मामले में लागू SoP (एसओपी) 2012 से प्रभाव में है।” उन्होंने कहा, “आईसीई को भारत की तरफ से सूचित किया गया है कि महिलाओं और बच्चों को हथकड़ी नहीं लगाया जाता है।”
वायरल पोस्ट को लेकर हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण में विदेश मामलों को कवर करने वाले पत्रकार जे पी रंजन से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने की प्रक्रिया नई नहीं है। यह पहले भी होता रहा है।
गौरतलब है कि अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया नई नहीं है। ‘माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट’ के आंकड़ों के आधार पर बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बाइडेन के कार्यकाल में भी अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट किया गया। वित्त वर्ष 2024 में 2,71,000 प्रवासियों को 192 देशों में वापस भेजा गया। आंकड़ों के अनुसार, बाइडेन ने अपने चार वर्षों में कुल 1.5 मिलियन लोगों को डिपोर्ट किया, जो ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान डिपोर्टिंग की संख्या के लगभग बराबर है।” हालांकि, यह संख्या बराक ओबामा के पहले कार्यकाल में हुए निर्वासन के मामलों से कम है, जब कुल 2.9 मिलियन लोगों को डिपोर्ट किया गया था।
निष्कर्ष: अमेरिका से 104 भारतीय प्रवासियों को डिपोर्ट कर भारत भेजा गया है। हालांकि, इस मामले से जोड़कर वायरल हो रही तस्वीर भारत डिपोर्ट किए गए लोगों की नहीं, बल्कि अमेरिका से ग्वाटेमाला डिपोर्ट किए गए अवैध प्रवासियों की है। अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट किए जाने की प्रक्रिया नई नहीं है और इससे पहले भी ओबामा और बाइडेन के कार्यकाल में अमेरिका अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करता रहा है।
Claim Review : अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों की तस्वीर।
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Claimed By : FB User-Ajay Singh Chhimpa
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Fact Check : भ्रामक
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