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  • क्या पुणे जंक्शन अडानी ग्रुप के हाथों में चला गया है? दावा किया जा रहा है कि अडानी ग्रुप के हाथों में जाने के बाद प्लेटफॉर्म टिकट के दाम दस गुना बढ़ा दिए गए हैं क्या अडानी ग्रुप (Adani Group) का है पुणे रेलवे स्टेशन (Pune Railway Station)? सोशल मीडिया पर एक प्लेटफॉर्म टिकट (Platform Ticket) की तस्वीर वायरल है जिसपर लिखा है, "अडानी रेलवे: रेलवे अब हमारी निजी संपत्ति है" | इसी के साथ दावा किया जा रहा है कि अडानी ग्रुप का होते ही टिकट का दाम 50 रूपए हो गया है | आपको बता दें कि टिकट को फ़ोटोशॉप किया गया है एवं दाम बढ़ने का कारण कोविड-19 के वक़्त भीड़ कम करना था ना ही निजीकरण | बूम ने पाया कि तस्वीर पर "अडानी रेलवे: रेलवे अब हमारी निजी संपत्ति है" अलग से जोड़ा गया है | इसकी वास्तविक तस्वीर अगस्त 2020 में वायरल हुई थी | तब इसे पत्रकार प्रशांत कनोजिया ने भी ट्वीट किया था | बूम ने प्रशांत कनौजिया से संपर्क किया | उन्होंने कहा, "यह तस्वीर पुणे में किसी ने मुझे दी थी | इसपर अडानी रेलवे नहीं लिखा था|" नेटिज़ेंस इस तस्वीर को लेकर तरह तरह के दावे कर रहे हैं एवं मूल्य के बढ़ाए जाने को निजी कारण और अडानी ग्रुप से जोड़ रहे हैं | अडानी-विलमार विज्ञापन के साथ ट्रेन का वीडियो फ़र्ज़ी दावों के साथ वायरल अंबानी के घर पर कोविड-19 नियमों का उल्लंघन? फ़ैक्ट चेक एक यूज़र ने लिखा है: "ये निजी हाथों में सौंप दिए गए पुणे रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म टिकट है उलट पुलट के देख लीजिए,देखने का पैसा नहीं लगेगा। खरीदने का लगेगा 2 घंटे का 50 रुपया। मध्यमवर्ग ,गरीब वर्ग मुक्त स्टेशन बनना तय।" ऐसे ही कुछ पोस्ट्स नीचे देखें और इनके आर्काइव्ड वर्शन यहां और यहां देखें | 'बापू सूरत सिंह' की पुरानी तस्वीर हुई फ़र्ज़ी दावे के साथ वायरल फ़ैक्ट चेक बूम ने पड़ताल में पाया कि तस्वीर पत्रकार प्रशांत कनौजिया ने अपने हैंडल पर ट्वीट की थी | उन्होंने दाम में बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर व्यंग किया था | इस वास्तविक फोटो में देखा जा सकता है कि कहीं भी "अडानी रेलवे: रेलवे अब हमारी निजी संपत्ति है" नहीं लिखा है | बूम ने इसके बाद प्रशांत कनौजिया से संपर्क किया | उन्होंने कहा, "यह तस्वीर पुणे में किसी ने मुझे दी थी | इसपर अडानी रेलवे नहीं लिखा था है |" हमें भारतीय रेलवे के प्रवक्ता के आधिकारिक हैंडल से कनोजिया के ट्वीट को क्वोट ट्वीट करते हुए एक पोस्ट मिली जिसमें दाम बढ़ाने को लेकर स्पष्टीकरण था | ट्वीट में लिखा है: "पुणे जंक्शन द्वारा प्लेटफार्म टिकट का मूल्य ₹50 रखने का उद्देश्य अनावश्यक रूप से स्टेशन पर आने वालों पर रोक लगाना है जिस से सोशल डिसटेनसिंग का पालन किया जा सके। रेलवे प्लेटफार्म टिकट की दरों को कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों से ही इसी प्रकार नियंत्रित करता आया है।" हमनें वायरल तस्वीर और वास्तविक तस्वीर की तुलना भी की और पाया कि दोनों एक ही टिकट हैं | क्या पुणे जंक्शन निजी है? नहीं, इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारतीय रेलवे ने 2019 में पुणे प्लेटफॉर्म के प्रबंधन का कार्यभार एक निजी कंपनी बीजीवी को दिया है परन्तु जंक्शन अब भी सरकार का है | अहमदाबाद हवाईअड्डे का नाम अडानी एयरपोर्ट नहीं किया गया है
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