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| - Fact Check: इंदौर की मस्जिद पर पोस्टर लगने की घटना चार माह पुरानी, हटा दिया गया था बाद में
इंदौर की मस्जिद पर पिछले साल नवंबर में पोस्टर लगा था। विवाद होने के बाद इसे हटा दिया गया था।
By: Sharad Prakash Asthana
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Published: Mar 7, 2025 at 01:50 PM
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Updated: Mar 7, 2025 at 01:55 PM
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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। मध्य प्रदेश के इंदौर की घटना बताकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की गई है। इसमें इमारत पर लगे पोस्टर की तस्वीर शेयर कर दावा किया गया कि मध्य प्रदेश के इंदौर में एक मस्जिद पर ‘गजवा-ए-हिंद’ के पोस्टर लगाए गए। यूजर के शेयर करने के तरीके से यह घटना हालिया प्रतीत होती है।
विश्वास न्यूज ने वायरल दावे की जांच की तो पता चला कि इंदौर में पिछले साल नवंबर में कागदीपुरा की मस्जिद पर पोस्टर लगा था। विवाद होने पर इसको हटा दिया गया था।
वायरल पोस्ट
विश्वास न्यूज के टिपलाइन नंबर 9599299372 कुछ यूजर्स ने इस पोस्ट को भेजकर इसकी सच्चाई बताने का अनुरोध किया। तस्वीर के साथ में लिखा है,
“मध्य प्रदेश के इंदौर में एक मस्जिद पर ‘गजवा-ए-हिंद’ के पोस्टर लगाए गए। ग़ज़वा-ए-हिंद का सपना हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करके पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में इस्लामी शासन स्थापित करना है। उन्होंने खुलेआम अपना सपना व्यक्त करना शुरू कर दिया है, लेकिन की आंखे अभी भी नहीं खुलेगी, क्योंकि धर्मनिरपेक्षता के अंधे हो चुके हैं।“
फेसबुक यूजर Vikash Kumar ने भी 13 फरवरी को इस पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने कीवर्ड से इस बारे में गूगल पर सर्च किया। नईदुनिया की वेबसाइट पर 4 नवंबर 2024 को इस बारे में खबर छपी है। इसमें वायरल तस्वीर को भी देखा जा सकता है। खबर के अनुसार, “भाजपा विधायक मालिनी गौड के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ ने सोशल मीडिया पर मस्जिद पर लगे पोस्टर की फोटो शेयर करते हुए इसे इंदौर के कागदीपुरा क्षेत्र में एक मस्जिद का बताया। साथ ही उन्होंने इसको लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए।” खबर में यह भी लिखा है कि जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने पोस्टर हटवा दिया है।
अमर उजाला की वेबसाइट पर भी इस खबर को देखा जा सकता है। 4 नवंबर 2024 को छपी खबर के मुताबिक, “इंदौर की मस्जिद पर लगा गजवा-ए-हिंद का पोस्टर चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा एमएलए के बेटे की आपत्ति पर पुलिस ने पोस्टर हटवा दिया। इस मामले में दूसरे पक्ष ने कहा है कि यह पोस्टर हर साल लगाया जाता है। इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। यह मस्जिद पर दो माह पहले लगा था। यह किसी धर्म के लोगों को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं लगाया गया था।”
7 नवंबर 2024 को दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट के अनुसार, “पोस्टर के मामले में ऑल इंडिया शिया समाज के प्रदेश प्रवक्ता सैयद दिलशाद अली नकवी का कहना है कि चार माह से यह पोस्टर मस्जिद पर लगा था। हर साल मुहर्रम पर लगने वाले इस पोस्टर में कर्बला का दृश्य दिखाया गया है, जहां हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी। इसमें दिखाया गया है कि सामने यजीद की सेना खड़ी है। पोस्टर में दिख रही महिला उनकी बहन हजरत बीबी जैनब है। और छोटी बच्ची उनकी बेटी सकीना हैं। दोनों के हाथ में हरे रंग का झंडा है और सामने लाल रंग के झंडे हैं। पोस्टर पर कुछ लिखा भी नहीं है। पोस्टर को हमने खुद हटाया है।”
इस बारे में हमने मध्य प्रदेश में सहयोगी नईदुनिया के डीएनई अरविंद दुबे से संपर्क किया। उनका कहना है कि पिछले साल नवंबर में इंदौर में यह मामला सामने आया था। विवाद होने पर पोस्टर को हटा दिया गया था।
पुरानी घटना की तस्वीर को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। भीलवाड़ा के रहने वाले यूजर के करीब पांच हजार फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: इंदौर की मस्जिद पर पिछले साल नवंबर में पोस्टर लगा था। विवाद होने के बाद इसे हटा दिया गया था।
Claim Review : मध्य प्रदेश के इंदौर में एक मस्जिद पर पोस्टर लगाए गए।
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Claimed By : FB User- Vikash Kumar
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Fact Check : भ्रामक
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