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| - Fact Check: मथुरा के मंदिर में मौजूद भीड़ के पुराने वीडियो को महाकुंभ से जोड़कर किया जा रहा शेयर
भीड़ के वायरल वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। वीडियो का महाकुंभ से कोई संबंध नहीं है। असल में वायरल वीडियो मथुरा के बरसाना के राधा रानी मंदिर का है।
By: Pragya Shukla
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Published: Feb 4, 2025 at 03:43 PM
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Updated: Feb 4, 2025 at 06:20 PM
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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक पतली-सी गली में मौजूद भीड़ का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह प्रयागराज का वीडियो है। जहां पर गलियों में चलने तक का रास्ता नहीं है। वीडियो को उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए महाकुंभ में किए गए इंतजामों पर कसते हुए शेयर किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। वीडियो का महाकुंभ से कोई संबंध नहीं है। असल में वायरल वीडियो मथुरा के बरसाना के राधा रानी मंदिर का है और करीब एक महीने पुराना है, जिसे अब भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘आरती भाकरे’ ने 3 फरवरी 2025 को वायरल वीडियो को शेयर किया था। वीडियो को शेयर करते हुए अंग्रेजी में कैप्शन में लिखा गया है, “महाकुंभ की ऐतिहासिक व्यवस्था।” जबकि वीडियो पर लिखा हुआ है, “प्रागराज के गली में चलने रास्ता तक नहीं लोग फंसे हुए हैं।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वीडियो मथुरा न्यूज नामक एक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 1 जनवरी 2025 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो बरसाना के राधा रानी मंदिर का है।
पड़ताल के दौरान हमें वीडियो कई अन्य यूट्यूब चैनल पर भी इसी जानकारी के साथ अपलोड हुआ मिला।
प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो बरसाना के एक मोटिवेशन स्पीकर श्याम-सुंदर गोस्वामी के आधिकारिक फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। वीडियो को 1 जनवरी 2025 को शेयर करते हुए मथुरा के बरसाना के राधा रानी मंदिर का बताया गया है। प्रोफाइल को खंगालने पर हमें भीड़ के मिलते-जुलते कई अन्य वीडियो 1 जनवरी 2025 को शेयर हुए मिले।
अधिक जानकारी के लिए हमने मोटिवेशन स्पीकर श्याम-सुंदर गोस्वामी से संपर्क किया। उनके साथ वायरल वीडियो को शेयर किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल हो रहे वीडियो को मेरे एक मित्र ने अपने घर से बनाया था और मेरे साथ शेयर किया था। उसके बाद मैंने इसे अपने सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। यह वीडियो बरसाना के राधा रानी मंदिर की ओर जा रही सीढ़ियों पर मौजूद भीड़ का है, जो कि नववर्ष पर दर्शन करने के लिए आई थी।
हमने प्रयागराज में दैनिक जागरण के संपादकीय प्रभारी राकेश पांडेय पांडे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि प्रयागराज की गलियां ऐसी नहीं है।
जनसत्ता की वेबसाइट पर 14 जनवरी 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से शुरू हुआ था और 26 फरवरी 2025 तक चलेगा।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करती हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि भीड़ के वायरल वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। वीडियो का महाकुंभ से कोई संबंध नहीं है। असल में वायरल वीडियो मथुरा के बरसाना के राधा रानी मंदिर का है और करीब एक महीने पुराना है, जिसे अब भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है।
Claim Review : महाकुंभ में मौजूद भीड़ का वीडियो।
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Claimed By : FB User Arti Bhakre
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Fact Check : भ्रामक
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