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  • शादीशुदा जोड़े की तस्वीरें नेल्लोर के फ़र्ज़ी 'लव जिहाद' के रूप में वायरल बूम ने नेल्लोर टाउन के डीएसपी जे. श्रीनिवासन रेड्डी से संपर्क किया, जिन्होंने वायरल दावे को पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया. सोशल मीडिया पर हिन्दू-मुस्लिम (Hindu-Muslim) कपल की दो तस्वीरों का एक सेट सांप्रदायिक (Communal) दावे के साथ वायरल है. पोस्ट में दावा किया गया है कि दक्षिण भारत के नेल्लोर (Nellore) में एक मुस्लिम युवक (Muslim Man) जैन लड़की (Jain Girl) को फ़ुसलाकर भगा ले गया. जब जैन समाज ने अपनी दुकानों और फैक्ट्रियों से 1800 मुस्लिमों को निकालने का निर्णय लिया तो 9 घंटे के अंदर जैन लड़की की सुरक्षित घर वापसी हो गई. बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल तस्वीरें मुंबई के हिन्दू-मुस्लिम कपल की हैं. बूम ने नेल्लोर टाउन के डीएसपी जे. श्रीनिवासन रेड्डी से संपर्क किया, जिन्होंने वायरल दावे को पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया. सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल इस 'CCTV फ़ुटेज' का सच क्या है ट्विटर पर तस्वीर शेयर करते हुए एक यूज़र ने लिखा, "दक्षिण भारत नेल्लोर का एक शांतिदूत जैन लड़की को फुसलाकर भगा ले गया। तुरंत जैन समाज ने बैठक कर निर्णय लिया कि अपनी दुकानों और फैक्टरीयों से शांतिदूतों की छुट्टी कर दी जाए। शाम तक कुल 1800 नौकरियों पर नोबत आ गई, सिर्फ 9 घंटे में जैन बिटिया की सुरक्षित घर वापसी हो गई।" ट्वीट का आर्काइव वर्ज़न यहां देखें फ़ेसबुक पर वायरल पोस्ट यहां देखें क्या महाराष्ट्र के अमरावती में बम ले जाते हुए दो आतंकवादी पकड़े गए? फ़ैक्ट चेक फ़ैक्ट चेक बूम ने अपनी जांच में पाया कि दोनों तस्वीरें मुंबई के हिन्दू-मुस्लिम कपल अंकिता अग्रवाल और फैज़ रहमान की हैं. वायरल तस्वीरें हमने वायरल तस्वीरों को रिवर्स इमेज पर सर्च किया तो यह दोनों तस्वीरें कई मीडिया रिपोर्ट्स और ब्लॉगिंग साइट्स पर मिलीं. MYMAGMOMENTS नाम के ब्लॉगस्पॉट पर अंकिता अग्रवाल और फैज़ रहमान की शादी की ढेरों तस्वीरें शेयर की गई हैं. साथ ही बताया गया है कि इन दोनों ने 4 अलग-अलग परंपराओं और मान्यताओं के तहत शादी की. विशेष विवाह अधिनियम के तहत अंकिता और अग्रवाल की शादी 18 फ़रवरी 2015 को हुई थी. इसके अलावा हिन्दू मान्यताओं के तहत राम मंदिर में, फिर निकाह और आखिर में बीच पर दोनों ने फेरा लिया. हमें ब्लॉग में शादी समारोह की अन्य तस्वीरों के साथ ही हूबहू वही दोनों तस्वीर मिलीं, जोकि वायरल हैं. एनडीटीवी में 28 मार्च 2017 को प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि अंकिता अग्रवाल और फैज़ रहमान अपनी एमबीए की पढ़ाई के दौरान आईआईएम, इंदौर में मिले थे. हालांकि, शुरुआत में अंकिता का परिवार शादी के लिए तैयार नहीं था. अंकिता का परिवार इस बात को लेकर चिंतित था कि इस्लाम पुरुषों को चार शादियां करने की इजाज़त देता है. उनकी सारी शंकाओं को दूर करने के लिए, फैज़ ने अंकिता से चार बार शादी करने का फ़ैसला किया! रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि उन्होंने पहली बार 17 फ़रवरी, 2015 को मुंबई के एक राम मंदिर में एक सादे समारोह में शादी की. वरमाला के इस साधारण आदान-प्रदान के बाद विशेष विवाह अधिनियम के तहत कोर्ट मैरिज की गई. अधिनियम मुस्लिम पुरुषों को चार बार शादी करने की अनुमति नहीं देता है. इसके बाद जोड़े ने गोवा में एक पारंपरिक मुस्लिम निकाह और एक हिंदू समारोह के साथ एक गंतव्य शादी करने का फैसला किया! रिपोर्ट में, वही तस्वीर देखी जा सकती है जो वायरल पोस्ट में शेयर की गई है. अंकिता अग्रवाल और फैज़ रहमान की शादी से जुड़ी अन्य रिपोर्ट यहां, यहां और यहां पढ़ें बूम ने इसके बाद फैज़ रहमान और अंकिता अग्रवाल का फ़ेसबुक अकाउंट खंगाला. हमने पाया कि हिन्दू-मुस्लिम कपल ने एक बेटे को जन्म दिया है. फैज़ रहमान ने अपनी पत्नी अंकिता अग्रवाल के साथ बेटे की भी तस्वीरें शेयर की हैं. फ़ेसबुक अकाउंट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अंकिता महाराष्ट्र के पुणे से हैं जबकि फैज़ यूपी के लखनऊ से हैं. फ़िलहाल, दोनों मुंबई में रहते हैं. नोट- बूम ने दोनों की निजता का सम्मान करते हुए उनके फ़ेसबुक अकाउंट का स्क्रीनशॉट स्टोरी में शामिल नहीं किया है. बूम की शुरुआती जांच से इस बात की पुष्टि हो जाती है कि दोनों तस्वीरों का संबंध नेल्लोर से नहीं है, दावा फ़र्ज़ी है. नेल्लोर में जैन लड़की को मुस्लिम युवक द्वारा भगा ले जाने का दावा फ़र्ज़ी बूम ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए यह जानने की कोशिश की कि क्या आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में मुस्लिम युवक द्वारा जैन लड़की को भगा ले जाने और इसके विरोध में जैन समाज द्वारा अपनी दुकानों और फैक्ट्रियों से मुस्लिम कामगारों को निकालने का निर्णय लेने जैसी कोई घटना हुई है? हमने संबंधित कीवर्ड से मीडिया रिपोर्ट्स की खोज लेकिन ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली जो वायरल दावे की पुष्टि करती हो. बूम ने नेल्लोर टाउन के डीएसपी जे. श्रीनिवासन रेड्डी से संपर्क किया, जिन्होंने इस दावे को पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया. उन्होंने हमें बताया कि "यह दावा 2015 से वायरल है लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है. ऐसी कोई घटना नेल्लोर में नहीं हुई. यह पूरी तरह से फ़ेक है." यूपी के बदायूं में जनाज़े का वीडियो त्रिपुरा में विरोध रैली के रूप में वायरल
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