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| - Fact Check: ईरान के हमले से घबराकर रोते हुए अमेरिकी सैनिकों के वीडियो AI-निर्मित
अमेरिकी सैनिकों के रोते हुए वायरल वीडियो फर्जी हैं और इन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है।
By: Pragya Shukla
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Published: Mar 14, 2026 at 05:23 PM
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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर अमेरिकी सैन्य वर्दी पहने लोगों के वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्हें रोते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का है और अमेरिकी सैनिकों ने ईरान के हमले से घबराकर इसे शेयर किया है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वीडियो फर्जी है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है।
क्या हो रहा है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘chaimictalks’ ने 2 मार्च 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “अमेरिकी सैनिक रो रोकर बता रहा है..इस्लामाबाद से लेकर बगदाद तक अमरीकी दूतावास में आग लगा दी गई। तेहरान में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरान का कहर जारी है। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।”
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इंस्टाग्राम यूजर ‘javedakhter_javedakhtar’ ने 1 मार्च 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “ईरान फ़ातेह होगा, इंशाल्लाह,,, या अल्लाह ईरान को गैबी ताक़त मदद फरमा, आमीन।”
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एक्स यूजर ‘A Zainab’ ने 3 मार्च 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “कोरोना में अपने बाप की अर्थी छोड़ कर भागने वाले अंधभक्त इज़राइल के लिए उछल रहे हैं और अमेरिकी सोल्जर मैदान से भागने के लिए जोर लगा रहे हैं रो रहे हैं मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी फोर्स वीडियो बनाकर डोनल्ड ट्रंप से कह रहे हैं यह सब बंद करो और हमें यहां से निकालो।”
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पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। वीडियो को गौर से देखने पर हमने पाया कि इसमें कई तकनीकी कमियां हैं। सैनिक के हाव-भाव रोबोटिक मालूम पड़ते हैं। गूगल पर सर्च करने पर हमने पाया कि यूएस आर्मी की यूनिफॉर्म, वायरल वीडियो में नजर आ रहे लोगों से काफी अलग है और रंग में भी अंतर है। ऐसे में वीडियो के एआई से बने होने का हमें संदेह हुआ।
पहला वीडियो
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए पहले वीडियो पर हमने एआई डिटेक्शन टूल्स का इस्तेमाल किया। ‘aurigin’ ने इस वीडियो के करीब 56 फीसदी तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने होने का संकेत दिया।
फिर हमने इस वीडियो को एक अन्य टूल ‘Matrix.Tencent’ की मदद से सर्च किया। इस टूल ने वीडियो के करीब 74 फीसदी तक एआई से बने होने की संभावना जताई।
दूसरा वीडियो
दूसरे वीडियो के बारे में जानने के लिए हमने ‘undetectable’ टूल का इस्तेमाल किया। हमने इस टूल की मदद से वीडियो को सर्च किया। इस टूल ने वीडियो के 97 फीसदी तक एआई से बने होने की संभावना जताई।
‘Hive Moderation’ टूल ने इस वीडियो के 99 फीसदी तक एआई टूल की मदद से बने होने के संकेत दिए।
तीसरा वीडियो
हमने तीसरे वीडियो के बारे में जानने के लिए ‘Hive Moderation’ टूल का इस्तेमाल किया। वायरल वीडियो को यहां सर्च करने पर नतीजों से पता चला कि इसे भी एआई की मदद से बनाया गया है। इस टूल ने करीब 93 फीसदी तक वीडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई।
दूसरे टूल ‘undetectable’ की मदद से जब हमने इस तीसरे वीडियो को सर्च किया तो इस टूल ने इस वीडियो के 82 फीसदी तक एआई टूल की मदद से बने होने के संकेत दिए।
अधिक जानकारी के लिए हमने एआई टेक्नोलॉजी में काम कर रहे एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि पहले वीडियो में जिस तरह से सैनिक के आंसू निकल रहे हैं और नीचे गिर रहे हैं, वो असली जैसा बिल्कुल नहीं लगता है। साथ ही, पीछे बैठे हुए सैनिक बिल्कुल स्थिर हैं। इतना ही नहीं, एक सैनिक का चेहरा दूसरे के शरीर में मिलता हुआ नजर आता है। दूसरे और तीसरे वीडियो में भी आपको यह देखने को मिलेगा कि पीछे का बैकग्राउंड स्थिर है और सैनिकों के हाव-भाव रोबोटिक और पूरे वीडियो में एक जैसे हैं।
क्या है संदर्भ?
28 फरवरी को शुरू हुआ अमेरिका-इजरायल और ईरान का युद्ध अब तीसरे हफ्ते में हैं। ‘अलजजीरा’ की वेबसाइट पर 2 मार्च 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, “28 फरवरी को जब ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत चल रही थी, तब US और इजरायल ने ईरान पर हमले किए। ईरान ने उसी दिन पूरे क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमले किए, जिनमें इजरायल के साथ-साथ बहरीन, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और इराक में US मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हमलों में मौत की पुष्टि के एक दिन बाद, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में US के ठिकानों पर हमला करना जारी रखा है।”
‘अलजजीरा’ की 14 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, “युद्ध और भी ज्यादा तेज होता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकानों पर हमला किया। यह द्वीप एक बेहद अहम केंद्र है, जहां से ईरान के कच्चे तेल का ज्यादातर निर्यात होता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन ने जान-बूझकर इस द्वीप में तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को हमले से बचाए रखा, लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से होने वाली जहाज़ों की आवाजाही में कोई रुकावट डालता है, तो इस पर भी हमला किया जा सकता है। इस बीच, तेहरान ने चेतावनी दी है कि उसकी ऊर्जा सुविधाओं पर किसी भी हमले के जवाब में क्षेत्रीय तेल बुनियादी ढांचे और अमेरिका-समर्थित संपत्तियों पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी, जिससे खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा और सुरक्षा का एक व्यापक संकट पैदा होने की आशंका बढ़ गई है।”
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अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर ‘chaimictalks’ के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इंस्टाग्राम पर यूजर को लगभग छह हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि अमेरिकी सैनिकों के रोते हुए वायरल वीडियो फर्जी हैं और इन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है।
Claim Review : ईरान के हमले से घबराए अमेरिकी सैनिकों के वीडियो।
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Claimed By : Inst User chaimictalks
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Fact Check : झूठ
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