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  • Fact Check: लखनऊ में अली खामेनेई के लिए हुए प्रदर्शन में पुलिस ने नहीं किया लाठीचार्ज, पुराना वीडियो वायरल सितंबर 2025 में बरेली में यह लाठीचार्ज हुआ था। उसी घटना के वीडियो को अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। By: Ashish Maharishi - Published: Mar 7, 2026 at 05:07 PM - Updated: Mar 7, 2026 at 05:12 PM - नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग में सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में कई जगहों पर प्रदर्शन देखने को मिला। इसी से जोड़ते हुए पुलिस के लाठीचार्ज का एक वीडियो वायरल हो रहा है। 25 सेकंड के इस वीडियो में पुलिस को भीड़ पर लाठीचार्ज करते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो लखनऊ का है, जहां खामेनेई की हत्या के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे थे और उसी वक्त पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की। दावा फर्जी साबित हुआ। वायरल वीडियो का लखनऊ या खामेनेई से जुड़े प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो सितंबर 2025 का है। उस वक्त बरेली में पुलिस ने यह लाठीचार्ज किया था। क्या हो रहा है वायरल? फेसबुक यूजर ‘Journalist Antim Singh Thakur’ ने 6 मार्च 2026 को एक वीडियो को अपलोड करते हुए दावा किया, “जूता चप्पल छूट गया लखनऊ के बाजार में। पिछवाड़ा भी तुड़वाया खामेनई तेरे प्यार में।” वायरल वीडियो के साथ लिखे गए कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे लखनऊ का मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें। पड़ताल विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले यह जानने की कोशिश की कि क्या वाकई में ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए लखनऊ में हुए प्रदर्शन में पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। गूगल ओपन सर्च के दौरान हमें एक भी ऐसी खबर नहीं मिली। यदि ऐसा हुआ होता, तो वह जरूर खबरों में आता। पड़ताल के अगले चरण में वायरल वीडियो के कई ग्रैब्स निकाले गए। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें सबसे पुराना वीडियो एक इंस्टाग्राम हैंडल पर मिला। 26 सितंबर 2025 को अपलोड करते हुए एक इंस्टाग्राम यूजर ‘amit_chauhan7684’ ने इसे बरेली का वीडियो बताया। विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए यूपी पुलिस के फैक्ट चेक हैंडल को स्कैन किया। वहां हमें 5 मार्च 2026 की एक पोस्ट मिली। इसमें वायरल वीडियो के संबंध में बताया गया, “यह वीडियो दिनांक 26.09.2025 जनपद बरेली से संबंधित है। इस वीडियो को भ्रामक रूप से लखनऊ में ईरानी नेता खामेनेई की मृत्यु पर हुए विरोध प्रदर्शन का बताया जा रहा है। यह दावा पूर्णतः असत्य एवं भ्रामक है। यूपी पुलिस इस भ्रामक वीडियो का खंडन करती है।” सर्च के दौरान हमें टाइम्सनाउ हिंदी की वेबसाइट पर एक खबर मिली। 26 सितंबर 2025 की इस खबर में बताया गया, “बरेली में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोग सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद कुछ हिंसक घटनाएं भी हुईं। थाना कोतवाली क्षेत्र के बिहारीपुर पुलिस चौकी के पास स्थित मस्जिद के बाहर सैकड़ों नमाजियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। नमाजियों ने सड़क पर उतरकर ‘आई लव मोहम्मद’ के अलावा ‘नारा-ए-तकदीर’ जैसे नारे लगाए और बैनर लहराए। भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।” जागरण डॉट कॉम पर 26 सितंबर 2025 को पब्लिश हुई एक खबर में लिखा गया, “आइ लव मुहम्मद को लेकर हो रही कार्रवाई के विरोध में इत्तेहाद ए मिल्लत कौंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान ने शुक्रवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देने की घोषणा की थी। इसके लिए उन्होंने लोगों से इस्लामियां मैदान पर जुटने की अपील भी की थी। शुक्रवार को नमाज के बाद लोगों ने इस्लामियां ग्राउंड पर इकट्ठा होना शुरू कर दिया। जिले में धारा 163 लागू होने के कारण पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। इस पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।” विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान दैनिक जागरण, लखनऊ के वरिष्ठ संवाददाता विवेक राव से भी संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल पोस्ट जैसी कोई घटना लखनऊ में नहीं हुई है और यह पोस्ट फेक है। जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर के अकाउंट की जांच की गई। पता चला कि यूर्जर को करीब पांच हजार लोग फेसबुक पर फॉलो करते हैं। यूजर लखीमपुर का रहने वाला है। निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। लखनऊ में ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए हुए प्रदर्शन में पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया था। वायरल वीडियो बरेली का है। सितंबर 2025 में बरेली में यह लाठीचार्ज हुआ था। उसी घटना के वीडियो को अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। Claim Review : खामेनेई के लिए लखनऊ में हुए प्रदर्शन में पुलिस ने किया लाठीचार्ज। - Claimed By : FB user Journalist Antim Singh Thakur - Fact Check : झूठ - पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...
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