(चेतावनी: वीडियो के विजुअल विचलित करने वाले हैं.)
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें एक शख्स को दो लोग एक बिल्डिंग की छत से नीचे फेंकते दिख रहे हैं.
क्या है दावा?: इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो दिखाता है कि हमास (Hamas) ने एक शख्स को मारने के लिए बिल्डिंग की छत से नीचे फेंक दिया.
क्या है सच?: वायरल दावा झूठा है.
ये वीडियो साल 2015 का है और इराक के फालुजा का है. वीडियो में इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लीवेंट (ISIS) को एक बिल्डिंग की छत से चार लोगों को फेंकते हुए दिखाया गया है. ये चारों कथित तौर पर एलजीबीटीक्यू+ समुदाय से थे.
हमने सच का पता कैसे लगाया?: हमने वायरल वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उनमें से कुछ पर रिवर्स इमेज सर्च किया.
इससे हमें 1 जुलाई 2015 को Middle East Media Research Institute (MEMRI) पर पब्लिश एक स्टोरी मिली. स्टोरी के मुताबिक, ISIS ने इराक के फालुजाल प्रांत में 4 लोगों को छत से इसलिए फेंककर माल डाला क्योंकि वो 'क्वीर' थे.
रिपोर्ट में इस्तेमाल किए गए विजुअल और वायरल वीडियो के एक फ्रेम से मिलान करने पर हमें कई समानताएं मिलीं.
इसके अलावा, हमें The Mirror पर पब्लिश एक और रिपोर्ट मिली, जिसमें बताया गया था कि बिल्डिंग से जिन चार क्वीर पुरुषों को फेंका गया उन्हें बांधकर आंखों में पट्टियां बांध दी गई थीं.
ये कोई ऐसी अकेली घटना नहीं थी. NBC News की अगस्त 2015 की एक और रिपोर्ट थी, जिसमें बताया गया था कि ISIS ने सीरिया में कई क्वीर लोगों को मार डाला था.
निष्कर्ष: साफ है कि लोगों को छत से फेंककर मारते लोगों का ये वीडियो हमास से संबंधित नहीं है. ये वीडियो साल 2015 का है और इसमें ISIS को इराक में LGBTQ+ समुदाय के लोगों को बिल्डिंग से फेंकते दिख रहे हैं.
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