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  • Fact Check: पाकिस्तानी आर्मी कर रही थी टॉर्चर, पाकिस्तान के पत्रकार ने कश्मीर का बताकर किया वायरल - By: Abhishek Parashar - Published: Aug 27, 2019 at 01:48 PM - Updated: Aug 27, 2019 at 04:19 PM नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर के वेरिफाइड ट्विटर हैंडल से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग एक व्यक्ति को बुरी तरह से प्रताड़ित करते हुए नजर आ रहे हैं। मीर का दावा है कि वीडियो में प्रताड़ित हो रहा व्यक्ति कश्मीरी है और ऐसी स्थिति में पाकिस्तान जाहिर तौर पर उत्पीड़न की इस घटना के बारे में पूछेगा। विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह वीडियो जम्मू-कश्मीर की स्थिति को बिगाड़ने के मकसद से प्रसारित किया जा रहा दुष्प्रचार निकला। आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तानी पत्रकार और नेता एवं मंत्री लगातार ऐसे प्रोपेगेंडा वीडियो को वायरल कर रहे हैं। क्या है वायरल पोस्ट में? हामिद मीर ने जिस वीडियो को शेयर किया है, उस पर ”कश्मीर न्यूज” लिखा हुआ है। दावा किया गया है कि यह वीडियो कश्मीर का है। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा है, ‘कश्मीर में हो रहे इस अत्याचार को देखिए और देखिए इसे कौन कर रहा है? कोई भी इसे देखकर समझ सकता है कि भारत, पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए तैयार क्यों नहीं है? हां, पाकिस्तान निश्चित तौर पर इस उत्पीड़न के बारे में बात करेगा।’ हामिद मीर का यह ट्वीट 21 सितंबर 2018 का है, जो फिर से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पड़ताल किए जाने तक इस ट्वीट को अब तक करीब 10,000 लोगों ने रिट्वीट किया है और इसे करीब 14 हजार लाइक्स मिले हैं। हामिद मीर पाकिस्तान के मशहूर पत्रकारों में शुमार किए जाते हैं। पड़ताल की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किए जाने पर हमें गूगल पर काफी पुराना वीडियो मिला, जिसे 4 जुलाई 2018 को अपलोड किया गया था। डेलीमोशन डॉट कॉम के पेज से शेयर किए गए वीडियो का शीर्षक है-‘Warning: Baloch mising in Pakistani Army torture cell.’ डेलीमोशन ने ‘’बलूचिस्तान चैनल’’ के इस वीडियो को अपलोड करते हुए लिखा है, ‘पाकिस्तानी यातना केंद्र का यह वीडियो बेहद विचलित करने वाला है। आप सालों से इन यातना गृहों में कैद लोगों को मिल रही यातना का अंदाजा लगा सकते हैं। बलूच, पश्तून और सिंधियों के साथ होने वाले अत्याचार को रोकने के लिए आवाज उठाएं।’ यानी 21 सितंबर 2018 को जिस वीडियो को हामिद मीर ने कश्मीर का बताकर ट्वीट किया, वह बलूच चैनल पर 4 जुलाई 2018 को अपलोड किया गया था। वीडियो में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी आर्मी बलूचों पर किस तरह से अत्याचार कर रही है। हालांकि, विश्वास न्यूज़ वीडियो में किए गए इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है कि पाकिस्तान आर्मी के हाथों प्रताड़ित हो रहा युवक बलूच ही है। वीडियो को गौर से देखने पर पता चलता है कि जिस जवान ने अपने पैरों से मार खा रहे युवक को दबोच रखा है, उसके यूनिफॉर्म पर पाकिस्तानी झंडा लगा हुआ है। नए कीवर्ड के साथ हमें सोशल मीडिया सर्च में 5 जुलाई 2018 को बलूच रिपब्लिकन पार्टी (बीआरपी) के मुख्य प्रवक्ता शेर मोहम्मद बुग्त के वेरिफाइड हैंडल से किया गया ट्वीट मिला, जिसमें उन्होंने यही वीडियो शेयर करते हुए बताया कि कैसे पाकिस्तानी आर्मी निर्दोष बलूच छात्रों को प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने अपने ट्वीट में ह्यूमन राइट वॉच, संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग को टैग करते हुए 10 दिसंबर 1984 के प्रस्ताव संख्या 39/46 के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की। जम्मू-कश्मीर को लंबे समय से कवर कर रहे और फिलहाल न्यूज एजेंसी एपी में काम कर रहे वरिष्ठ पत्रकार सालिक शेख ने बताया कि युवक की पिटाई वाला ”वायरल वीडियो कश्मीर से संबंधित नहीं है।” गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद पाकिस्तानी पत्रकारों, नेताओं और मंत्रियों की तरफ से ऐसे वीडियो और फोटो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं, जिसका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। पाकिस्तान लगातार फर्जी और पुराने वीडियो को साझा कर कश्मीर में स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। विश्वास न्यूज लगातार ऐसे वायरल और फर्जी मैसेज की पड़ताल कर उसका भंडाफोड़ कर रहा है। निष्कर्ष: पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने कश्मीरी युवक की पिटाई के दावे के साथ जिस वीडियो को शेयर किया है, वह वास्तव में पाकिस्तान का वीडियो है, जिसमें पाकिस्तानी आर्मी के जवान बलूच युवक को पीट रहे हैं। पूरा सच जानें… सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी खबर पर संदेह है जिसका असर आप, समाज और देश पर हो सकता है तो हमें बताएं। हमें यहां जानकारी भेज सकते हैं। हमें contact@vishvasnews.com पर ईमेल कर सकते हैं। इसके साथ ही वॅाट्सऐप (नंबर – 9205270923) के माध्यम से भी सूचना दे सकते हैं। - Claim Review : कश्मीरी युवाओं पर सेना का अत्याचार - Claimed By : Hamid Mir - Fact Check : झूठ
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