भरत तिवारी के एनकाउंटर पर नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया के दावे से पुराना वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो साल 2023 का है, तब बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गैंगेस्टर अतीक अहमद की हत्या पर ये प्रतिक्रिया दी थी.
बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का तीन साल पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने भरत तिवारी के एनकाउंटर की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सवाल उठाए हैं.
वायरल वीडियो में नीतीश कुमार आरोपी की हत्या की आलोचना करते हुए कहते नजर आते हैं कि किसी व्यक्ति को सजा देने का फैसला अदालत करती है.
बूम ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह बयान 2023 में उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की पुलिस हिरासत में हुई हत्या के बाद दिया था.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
न्यूज आउटलेट जी न्यूज समेत कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि यह वीडियो भरत तिवारी एनकाउंटर पर नीतीश कुमार की पहली प्रतिक्रिया का है, जिसमें उन्होंने भरत के समर्थन में बोलते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा है. आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
पड़ताल में क्या मिला:
वीडियो तीन साल पुराना है
संबंधित कीवर्ड सर्च करने पर हमें बीबीसी और जनसत्ता के यूट्यूब चैनल पर 17 अप्रैल 2023 का अपलोड किया गया मूल वीडियो मिला, जो बताता है कि वीडियो हाल का नहीं है.
वीडियो के डिस्क्रिप्शन के मुताबिक बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह बयान उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की पुलिस हिरासत में हुई हत्या की प्रतिक्रिया में दिया था.
नीतीश कुमार ने हत्या को दुखद बताते हुए कहा था,"अपराधियों के सफाए का मतलब ये थोड़े है कि उन्हें मार दिया जाए. ये कोई तरीका है? इसका फैसला कोर्ट करता है. अगर किसी को ये भी सजा होती है कि उसे फांसी हो, तो उसे फांसी हो जाती है..."
गैंगस्टर अतीक अहमद की हत्या पर दी थी प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 15 अप्रैल 2023 को अस्पताल ले जाने के क्रम में गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की पुलिस सुरक्षा के बीच गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद मीडिया से बातचीत में नीतीश कुमार ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि किसी भी आरोपी को सजा देने के लिए कानून व्यस्था मौजूद है. गौरतलब है कि उस समय नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) एनडीए की सहयोगी पार्टी नहीं थी.
पुलिस मुठभेड़ में हुई भरत भूषण तिवारी की मौत
बिहार के भोजपुर जिले में 17 जून को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई. इस घटना के बाद राज्य में सियासी विवाद छिड़ गया. राजद नेता तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस एनकाउंटर पर सवाल उठाए.
भरत तिवारी के परिजनों का आरोप है कि यह एक फेक एनकाउंटर था. भरत ने लाइव वीडियो में आत्मसमर्पण की बात कही थी, इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी. वहीं पुलिस का दावा है कि जब पुलिस और एसटीएफ की टीम उसे पकड़ने गांव पहुंची, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसे गोली मारी गई जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
बता दें कि भोजपुर के रहने वाले भरत सोशल मीडिया पर स्थानीय और जनकल्याण के मुद्दों को उठाने के लिए जाने जाते थे. हमने पाया कि इस मामले में अबतक नीतीश कुमार की इस तरह की कोई प्रतिक्रिता नहीं आई है.